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चंदौली के चकिया में स्थित बाबा जागेश्वर नाथ धाम में नववर्ष के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। किशोर, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भगवान का दर्शन कर मंगलकामना कर किए। मंदिर परिसर में भजन और कीर्तन की गूंज सुबह-सुबह सुनने को मिली।
नव वर्ष पर बाबा जागेश्वर नाथ धाम पहुंचे भक्त
Chandauli: जिले के चकिया तहसील स्थित हेतिमपुर गांव में नववर्ष के पहले दिन सनातन धर्म के प्रति आस्था का भव्य दृश्य देखने को मिला। स्वयंभु 1008 श्री जागेश्वर नाथ धाम में किशोर, युवा, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों की भारी भीड़ जुटी। लोगों ने साल की शुरुआत भगवान का दर्शन कर मंगलकामनाएँ कीं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
धाम का महत्व धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत खास है। चकिया तहसील के हेतिमपुर गांव में स्थित यह स्थल चंद्रप्रभा नदी के किनारे महर्षि यज्ञवल्क ऋषि की तपोभूमि पर विराजमान बाबा जागेश्वर नाथ का अद्भुत मंदिर है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहाँ भगवान जागेश्वर नाथ का दर्शन करने मात्र से आत्मिक शांति मिलती है और जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं।
साल के पहले दिन धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने आपस में मिलकर भगवान के सामने दीप और नैवेद्य अर्पित किए। भक्तगण हाथ जोड़कर भगवान से अपने परिवार, मित्र और देश की मंगलकामना करते नजर आए। इसके साथ ही मंदिर परिसर में धार्मिक गीत, भजन और कीर्तन की ध्वनि पूरे क्षेत्र में गूंज रही थी।
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान महंत ने बताया, "साल की शुरुआत भगवान के दर्शन और आशीर्वाद से करना हमारे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आता है। हम सभी से अपील करते हैं कि सनातन धर्म के अनुयायी और श्रद्धालु नियमित रूप से भगवान का दर्शन करें और धर्म के मार्ग पर चलें।"
हजारों श्रद्धालु पहुंचे जागेश्वर नाथ धाम
स्थानीय लोगों ने भी इस अवसर का भरपूर लाभ उठाया। अधिकांश परिवार पूरे सदस्य के साथ मंदिर पहुंचे और भगवान के दर्शन के बाद नदी किनारे शांति और सौहार्द का अनुभव किया। बच्चों को विशेष रूप से धार्मिक कथाओं और भक्ति गीतों में शामिल किया गया, ताकि वे भी संस्कारों और सनातन धर्म की परंपरा से परिचित हों।
श्रद्धालुओं का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में सनातन धर्म के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है। युवा और किशोर विशेष रूप से मंदिरों में आने और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने में रुचि दिखा रहे हैं। यह परंपरा आने वाले समय में और मजबूत होती दिख रही है।
धाम के परिसर में प्रशासन और मंदिर के सहयोग से सभी व्यवस्थाओं का ध्यान रखा गया। भीड़ नियंत्रण के लिए सुरक्षा बल तैनात थे और श्रद्धालुओं को आरामदायक दर्शन के लिए मार्गदर्शन दिया गया। इस वर्ष के पहले दिन इस मंदिर में उमड़ी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि लोगों की धार्मिक आस्था आज भी उतनी ही मजबूत है जितनी पहले थी।
भक्तों का कहना है कि साल की शुरुआत भगवान जागेश्वर नाथ के दर्शन और आशीर्वाद से करना जीवन के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने इस अवसर पर सभी लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार और समाज में धर्म और आस्था की भावना बनाए रखें।