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उन्नाव के चमरौली में पत्नी ने ही रची पति की हत्या की साजिश! 40 हजार की सुपारी देकर दो शूटरों से कराया मर्डर। आखिर क्यों प्रेमी से कातिल बनी पत्नी? पढ़ें पूरी खबर।
उन्नाव सुपारी हत्याकांड (source : google)
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की पसलियां टूटी हुई पाई गईं, जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि उसकी मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी। मृतक की मां सुंदारा ने अपनी बहू सुखरानी और अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से छानबीन शुरू की।
अजगैन कोतवाली पुलिस ने जब शक के आधार पर आरोपी पत्नी सुखरानी के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली, तो हत्या की पूरी परतें एक-एक कर खुलती चली गईं। पूछताछ के दौरान सुखरानी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने श्रीकांत से प्रेम विवाह किया था, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही उनके रिश्तों में कड़वाहट आ गई।
सुखरानी का आरोप था कि श्रीकांत शराब के नशे में धुत होकर आए दिन उसके और उनके मासूम बच्चे के साथ मारपीट करता था। साथ ही, वह उस पर शक भी करता था और खुद उसके गांव की ही किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने अपने पति को रास्ते से हटाने का मन बना लिया और इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
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इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए सुखरानी ने माखी थाना क्षेत्र के अंकित यादव और अजगैन के मोहित सिंह को 40 हजार रुपये की सुपारी दी थी। योजना के मुताबिक, 17 मार्च की रात सुखरानी अपने पति को बहला-फुसलाकर गांव के बाहर एक खेत में ले गई, जहां पहले से ही अंकित और मोहित घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही वे वहां पहुंचे, दोनों युवकों ने श्रीकांत को दबोच लिया और साड़ी से उसके हाथ बांधकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों को चमरौली बाजार के पास से गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से सुपारी की रकम के बचे हुए 10,950 रुपये और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
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इस पूरी घटना का सबसे दुखद पहलू दो साल के मासूम बच्चे वंश का भविष्य है। पिता की हत्या हो चुकी है और मां अब सलाखों के पीछे है। विडंबना यह है कि सुखरानी के मायके और ससुराल, दोनों ही पक्षों ने बच्चे की जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया है। रिश्तों की इस कड़वाहट और अपराध की आग में मासूम पूरी तरह अकेला पड़ गया है, जिसके चलते उसे अपनी कातिल मां के साथ ही जेल जाना पड़ा।