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अदालत
Gorakhpur : कैम्पियरगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में दर्ज गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। जिला एवं सत्र न्यायालय, गोरखपुर ने राजेश्वर साहनी, सुभाष साहनी और योगेन्द्र साहनी को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने तीनों पर 22-22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस ने इस फैसले को ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी की बड़ी सफलता बताया है।
पुलिस के अनुसार, कैम्पियरगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 304, 308, 323, 504 और 506 के तहत कार्रवाई की गई थी।
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मामले में रामकोला टोला नकेली निवासी राजेश्वर साहनी, सुभाष साहनी और योगेन्द्र साहनी पुत्रगण रामअवध साहनी को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद मामले में जरूरी साक्ष्य जुटाए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने साक्ष्य और तथ्यों को प्रभावी तरीके से रखा। पुलिस के थाने के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने भी केस की लगातार निगरानी की और समय-समय पर प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की।
अभियोजन पक्ष की ओर से रखे गए साक्ष्यों और पुलिस की पैरवी के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। इसके बाद प्रत्येक को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 22 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर गंभीर आपराधिक मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए ऑपरेशन कनविक्शन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुराने और लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी, गवाहों की सुरक्षा और न्यायालय में मजबूत अभियोजन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में दोषसिद्धि के पीछे जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) प्रियानन्द सिंह और अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) जयनाथ यादव की प्रभावी पैरवी को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
Location : Gorakhpur
Published : 27 August 2026, 8:50 PM IST