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मनरेगा बचाओ अभियान के तहत लखनऊ में प्रस्तावित कांग्रेस प्रदर्शन से पहले रायबरेली में कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया गया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया है, जबकि कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बता रही है।
राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र में तनाव
Lucknow: लखनऊ में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत होने वाले प्रदर्शन से पहले रायबरेली में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ तौर पर लखनऊ कूच की कोशिशों पर ब्रेक लगा दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कार्यकर्ताओं में नाराजगी खुलकर सामने आ रही है।
राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र में सख्ती
यह पूरा मामला रायबरेली से जुड़ा है, जो राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है। कांग्रेस ने लखनऊ में विधानसभा घेराव का आह्वान किया था। प्रदर्शन ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत आयोजित होना था। पार्टी का आरोप है कि मनरेगा का नाम बदले जाने और इसकी मूल भावना से छेड़छाड़ की जा रही है, जिसके विरोध में वह सड़कों पर उतरना चाहती थी।
जिलाध्यक्ष और नगर पालिका अध्यक्ष नजरबंद
जानकारी के मुताबिक कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी को देर रात ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया। उनकी गाड़ी में दो पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए और घर के बाहर भी पुलिस बल लगा दिया गया। पंकज तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार डरी हुई है और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि संघर्ष जारी रहेगा। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर के आवास पर भी पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। उन्हें लखनऊ जाने से रोक दिया गया। सोनकर ने कहा कि मनरेगा गरीबों की जीवनरेखा है और उसका नाम बदलना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक विरोध से घबरा रही है।
प्रशासन की दलील, एहतियातन कदम
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कदम उठाए गए हैं। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए नेताओं को रोका गया है। हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इसे लेकर आक्रोश है। रायबरेली से लखनऊ जाने की कोशिश कर रहे कई नेताओं को रास्ते में ही रोक दिया गया। इससे जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अब सबकी नजर लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन और आगे की राजनीतिक रणनीति पर टिकी है।