हिंदी
अमेठी के मुसाफिरखाना तहसील में वकील और लेखपाल के बीच टकराव हुआ, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। वकील एसडीएम अभिनव कनौजिया के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि लेखपाल संघ ने उनका समर्थन किया। पुलिस और पीएसी की तैनाती के बाद स्थिति काबू पाई।
मुसाफिरखाना तहसील में तनाव
Amethi: जनपद के मुसाफिरखाना तहसील में वकील और लेखपाल के बीच तीव्र टकराव की घटना सामने आई है। यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब वकील, एसडीएम अभिनव कनौजिया के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और लेखपाल संघ उनके समर्थन में उतर आया। इस घटना में दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और नारेबाजी की गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। घटना के बाद तहसील परिसर में पीएसी को तैनात किया गया है ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके।
अमेठी के मुसाफिरखाना तहसील में वकील पिछले कई दिनों से एसडीएम अभिनव कनौजिया के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि एसडीएम ने न केवल उन्हें, बल्कि बार अध्यक्ष को भी अपमानित और अभद्र व्यवहार का शिकार बनाया है। वकील संघ का कहना है कि एसडीएम द्वारा किए गए इस व्यवहार के कारण वे विरोध कर रहे हैं और जब तक एसडीएम को यहां से नहीं हटाया जाता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
अमेठी में दिन-रात PDA प्रहरी कैंप का संचालन, बूथों पर डटे सपाई; जानिये कैसे चल रहा है SIR अभियान
आज सुबह लेखपाल संघ ने एसडीएम अभिनव कनौजिया के समर्थन में प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ का कहना था कि वे एसडीएम के साथ खड़े हैं और उनके खिलाफ किए जा रहे आरोपों को गलत बताते हैं। जब वकील और लेखपाल संघ के सदस्य आमने-सामने आए, तो दोनों पक्षों के बीच तीव्र नारेबाजी हुई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की भी हुई। इस घटना के बाद पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई।
घटना की सूचना मिलते ही मुसाफिरखाना कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। हालांकि, बड़ी संख्या में दोनों पक्षों के लोग तहसील परिसर में मौजूद रहे और नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने हस्तक्षेप किया, लेकिन स्थिति को शांत करने में थोड़ा समय लगा। अंत में, स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पीएसी को भी तैनात किया गया।
Crime in UP: अमेठी में मां ने बेटी संग पति को उतारा मौत के घाट, इलाके में सनसनी
वकीलों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक एसडीएम अभिनव कनौजिया का तबादला नहीं होता, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। वकील संघ के सदस्य अपनी मांगों को लेकर अब भी अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि एसडीएम का व्यवहार बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना है कि एसडीएम को हटाए बिना किसी प्रकार का समाधान नहीं हो सकता और इस मुद्दे को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।