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ताजा मामला के एन आई और टाउन उपखंड कार्यालय का है, जहां तैनात कार्यकारी सहायक पंकज कुमार सेठ पर आरोप है कि कुछ दलालों से साठगांठ कर वे बिजली बिलों में लाखों रुपये की हेराफेरी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह कोई नया कारनामा नहीं है।
प्रतीकात्मक छवि
Sultanpur: सुल्तानपुर जिले का विद्युत महकमा एक बार फिर सुर्खियों में है। बिजली बिलों में बड़े पैमाने पर घटतौली और हेराफेरी के आरोपों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसान नेता प्रभात सिंह द्वारा की गई शिकायत के बाद करोड़ों रुपये के बिल घोटाले में कई उपखंड अधिकारी, अवर अभियंता और कार्यकारी सहायकों पर गाज गिर चुकी है। निलंबन की कार्रवाई के बावजूद धांधलियों का यह खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
ताजा मामला के एन आई और टाउन उपखंड कार्यालय का है, जहां तैनात कार्यकारी सहायक पंकज कुमार सेठ पर आरोप है कि कुछ दलालों से साठगांठ कर वे बिजली बिलों में लाखों रुपये की हेराफेरी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह कोई नया कारनामा नहीं है। इससे पहले अयोध्या में भी पंकज सेठ बिजली बिल घोटाले में पकड़े गए थे, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया था।
निवर्तमान मुख्य अभियंता अशोक कुमार चौरसिया द्वारा पंकज सेठ को सुल्तानपुर मंडल में भेजे जाने के बाद अधीक्षण अभियंता ने उनकी तैनाती कादीपुर खंड में की थी। लेकिन राजनीतिक पकड़ और दबंगई के दम पर उन्होंने स्थानांतरण बदलवाकर खुद को सुल्तानपुर उपखंड में तैनात करा लिया। के एन आई उपखंड कार्यालय पहुंचते ही उनके ‘तेवर’ और ‘तरीके’ फिर पुराने ढर्रे पर लौट आए।
सूत्र बताते हैं कि उपखंड कार्यालयों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर बिचौलियों की पूरी फौज कार्यालयों के आसपास मंडराती दिखाई देती है। कई पदों पर संविदा कर्मियों की जगह दलालों का कब्जा होना आम बात हो गई है। यहां तक कि हटाए गए कुछ संविदा कर्मचारी भी अधिकारियों के संरक्षण में खुलेआम चहलकदमी करते दिखते हैं।
विभागीय सूत्रों का मानना है कि अगर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई गई तो कई बड़े नामों की पोल खुल सकती है। कार्यकारी सहायकों से लेकर उपखंड स्तर तक भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हो चुकी हैं।
अब सबकी नजरें मुख्य अभियंता बृजेश कुमार और अधीक्षण अभियंता विपुल कुमार पर हैं कि वे भ्रष्टाचार के आरोपों पर क्या सख्त कार्रवाई करते हैं या फिर मामला जांच समिति और रिपोर्ट के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।