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गोरखपुर मंडल की बैठक
Gorakhpur: गोरखपुर मंडल में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (सीएम डैशबोर्ड) के अंतर्गत नवंबर माह की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त अनिल ढिंगरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब केवल फाइलों और पोर्टल पर आंकड़े नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखने वाले परिणाम ही स्वीकार्य होंगे। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने धीमी प्रगति वाली योजनाओं पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को रैंकिंग सुधारने और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, प्रभागीय वनाधिकारी विकास यादव, परियोजना निदेशक दीपक सिंह सहित लोक निर्माण विभाग, जल निगम, नगर निगम, आवास विकास परिषद, सिंचाई विभाग और अन्य निर्माण एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सीएम डैशबोर्ड पोर्टल के माध्यम से विभागवार योजनाओं की लागत, स्वीकृति वर्ष, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, कार्य की स्थिति और पूर्णता की समय-सीमा को स्क्रीन पर प्रदर्शित कर विस्तृत समीक्षा की गई।
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प्रेजेंटेशन में विशेष रूप से एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं पर फोकस किया गया। आंकड़ों के अनुसार कई परियोजनाएं समय से पूर्ण हो चुकी हैं, लेकिन कुछ योजनाओं में अपेक्षित गति न होने पर मंडलायुक्त ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक कहा कि जिन योजनाओं में देरी हो रही है, वहां संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि फील्ड स्तर पर भौतिक प्रगति का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जनपद स्तर पर सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागों को लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व, नगर विकास, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं की प्रतिदिन समीक्षा कर समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
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नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि नगर निगम से संबंधित स्वच्छता, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति की योजनाओं में लगातार सुधार हो रहा है। जिन परियोजनाओं में 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें शीघ्र पूर्ण कर पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। वहीं, डीएफओ विकास यादव ने वृक्षारोपण, हरित पट्टी विकास और पर्यावरण संरक्षण योजनाओं की प्रगति साझा की।
बैठक के अंत में मंडलायुक्त अनिल ढिंगरा ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि सीएम डैशबोर्ड पर गलत या पुरानी जानकारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड शासन की प्राथमिकता है और इसमें बेहतर प्रदर्शन ही सुशासन और जनहित के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का प्रमाण होगा।
Location : Gorakhpur
Published : 23 December 2025, 8:36 PM IST
Topics : CM dashboard Commissioner Gorakhpur UP News