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सोनभद्र की रामलीला में रावण का किरदार निभा रहे कलाकार सुनील कुमार की आंख में तीर लग गया। गंभीर रूप से घायल कलाकार का वाराणसी में इलाज जारी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोनभद्र में राम-रावण युद्ध के दौरान हुई गंभीर घटना
Sonbhadra: सोनभद्र जिले में रामलीला के मंच पर एक गंभीर घटना सामने आई है। राम-रावण युद्ध के दौरान श्रीराम के किरदार से चला तीर रावण का अभिनय कर रहे कलाकार सुनील कुमार की आंख में जा लगा। हादसे के बाद कलाकार की एक आंख की रोशनी चली गई है। घायल का इलाज फिलहाल वाराणसी में जारी है।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह हादसा रात 12:30 बजे हुआ। रामलीला के मंच पर तीर लगने के तुरंत बाद सुनील कुमार की आंख से खून बहने लगा, जिससे मंच पर चीख-पुकार मच गई। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में वाराणसी रेफर किया गया। वाराणसी में इलाज के बावजूद उनकी एक आंख की रोशनी स्थायी रूप से चली गई।
सुनील कुमार के भाई शिवम लाल ने इस घटना को मात्र हादसा मानने से इनकार किया और आरोप लगाया कि यह जानबूझकर की गई साजिश का परिणाम है। उनका कहना है कि जब उन्होंने इलाज के खर्च और जिम्मेदारी को लेकर रामलीला के आयोजक रामसनेही सिंह और श्रीराम का किरदार निभाने वाले नैतिक पांडेय से बात की, तो दोनों ने सहयोग करने से मना कर दिया। शिवम लाल ने दावा किया कि इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर शाहगंज पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। घोरावल के सीओ राहुल पांडेय ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि रामलीला मंचन के दौरान सुरक्षा मानकों, घटनाक्रम और लगाए गए आरोपों की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, नाटक के दौरान तीर का उद्देश्य रावण के मुकुट को गिराना था, लेकिन गलती से वह सुनील कुमार की आंख में जा लगा। प्रारंभिक जांच में किसी पूर्व विवाद या दुश्मनी की बात सामने नहीं आई।
सुनील कुमार ने कहा कि तीर श्रीराम का किरदार निभा रहे नैतिक पाण्डेय ने चलाया था। उनका कहना है कि यह तीर नाभि पर लगना था, लेकिन गलती से आंख में जा लगा। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद रामलीला कमेटी और नैतिक पाण्डेय से मदद की उम्मीद की थी, लेकिन किसी ने कोई सहयोग नहीं किया।
सुनील कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जातिसूचक शब्दों से संबोधित किया गया, जिससे उनका मानसिक और भावनात्मक नुकसान भी हुआ। उनकी एक आंख की रोशनी स्थायी रूप से चली गई है और इलाज जारी है।
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सीओ राहुल पांडेय ने बताया कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।