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मैनपुरी में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने हिंदू राष्ट्र को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने इसे “विश्व बंधुत्व की भावना” बताया और कहा कि हिंदू राष्ट्र का अर्थ हिंसा नहीं, बल्कि संविधान के अनुरूप शांति है। कार्यक्रम और पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने ओवैसी, राम मंदिर, ज्ञानवापी, मथुरा और प्रयागराज की घटनाओं को लेकर भी विवादित और तीखे बयान दिए।
Mainpuri: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में शिरकत करने अयोध्या में मौजूद हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास पहुंचे, सम्मेलन में पहुंच राजू दास ने मंच से सभा को संबोधित करते हुए हिंदू राष्ट्र बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में जब उनसे भारत के धर्मनिरपेक्ष होने के बावजूद हिंदू राष्ट्र की बात पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र का अर्थ हिंसा या किसी समुदाय को बाहर करना नहीं है।
महंत राजू दास ने कहा कि हिंदू राष्ट्र का मतलब “विश्व बंधु” की भावना है, जहां हर मत, मतांतर और मजहब का व्यक्ति शांति से रहे। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र में संविधान का सम्मान होगा, खाकी वर्दी का सम्मान किया जाएगा और कानून के दायरे में रहकर जीवन जिया जाएगा साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के सपनों और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किए गए कार्यों का हवाला देते हुए इन्हें हिंदू राष्ट्र की दिशा में कदम बताया।
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महंत राजू दास से जब यह सवाल किया गया कि क्या उन्होंने मुस्लिम या इस्लाम को आतंकवादी कहा है, तो उन्होंने इसका खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने किसी धर्म को आतंकवादी नहीं कहा, बल्कि उनका कहना था कि जो लोग संविधान का सम्मान नहीं करते, भारत माता की जय और वंदे मातरम नहीं बोलते, खाकी वर्दी का सम्मान नहीं करते और देश के बहुसंख्यक समाज की भावनाओं का आदर नहीं करते, उन लोगों को उन्होंने आतंकवादी कहा है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को ‘राक्षस’ कहे जाने के सवाल पर महंत राजू दास ने कहा कि ओवैसी राजनीतिक खोल में भेड़िया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि संसद जैसे पवित्र स्थान पर राम मंदिर के फैसले को न मानने जैसी बातें करना संविधान का अपमान है। वहीं यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार कोई नया यूसीसी नहीं लाई है और यह मामला अदालत से जुड़ा हुआ है, जिसे फिलहाल स्थगित किया गया है।
राम मंदिर के निर्माण को लेकर महंत राजू दास ने कहा कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ने सबूतों और लंबे संघर्ष के बाद दिया। उन्होंने इसे सनातनियों, पत्रकारों और संघ विचार परिवार के संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने दावा किया कि जैसे अयोध्या में राम मंदिर बना, वैसे ही ज्ञानवापी और मथुरा-वृंदावन में भी भव्य मंदिरों का निर्माण होगा।
प्रयागराज में शंकराचार्य को स्नान से रोके जाने के मामले पर महंत राजू दास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि संत के चोले में राजनीति करना उचित नहीं है और पुलिस की वर्दी फाड़ना निंदनीय है। उन्होंने शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दिए गए बयानों पर भी आपत्ति जताई।
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महंत राजू दास ने कहा कि जैसे शंकराचार्य एक पीठ के धर्मगुरु हैं, वैसे ही योगी आदित्यनाथ भी एक पीठ के धर्मगुरु हैं और उनसे हिंदू होने का प्रमाण मांगना अनुचित है। सम्मेलन और बयानों के बाद मैनपुरी में यह कार्यक्रम और महंत राजू दास के वक्तव्य राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बने हुए हैं।