साइबर ठगों पर सोनभद्र पुलिस की बड़ी चोट, 86 पीड़ितों को लौटाए गए 35 लाख से ज्यादा रुपये

सोनभद्र पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 86 पीड़ितों के 35.86 लाख रुपये वापस कराए हैं। एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना और साइबर हेल्प डेस्क की टीम ने NCRP पोर्टल, 1930 हेल्पलाइन और बैंकों के समन्वय से यह कार्रवाई संभव की।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 12 March 2026, 3:16 PM IST
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Sonbhadra: ऑनलाइन ठगी का जाल जिस तेजी से फैल रहा है, उससे आम लोग हर दिन किसी न किसी साइबर अपराध का शिकार बन रहे हैं। कभी फर्जी कॉल, कभी नकली लिंक और कभी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के नाम पर ठग लोगों के बैंक खातों से पल भर में पैसे गायब कर देते हैं। कई मामलों में पीड़ितों की मेहनत की कमाई वापस मिलना लगभग नामुमकिन हो जाता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की है जिसने पीड़ितों को बड़ी राहत दी है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार 86 लोगों के करीब 35.86 लाख रुपये वापस उनके खातों में दिलाने में सफलता हासिल की है।

पुलिस का बड़ा अभियान

सोनभद्र पुलिस लगातार साइबर अपराध के मामलों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन और मार्गदर्शन में जिले में साइबर क्राइम के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना और विभिन्न थानों में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क की टीम ने मिलकर बड़ी सफलता हासिल की है।

जनवरी में भी लौटाए गए थे लाखों रुपये

सोनभद्र पुलिस की कार्रवाई केवल फरवरी तक सीमित नहीं है। इससे पहले जनवरी 2026 में भी पुलिस ने साइबर ठगी के कई मामलों में तेजी से कार्रवाई करते हुए 48 पीड़ितों की मदद की थी। जनवरी में कुल 23 लाख 12 हजार 636 रुपये पीड़ितों के खातों में वापस कराए गए थे। पुलिस की इस लगातार कार्रवाई से साफ है कि जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त रणनीति के साथ काम किया जा रहा है।

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NCRP पोर्टल और हेल्पलाइन से मिली बड़ी मदद

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सफलता के पीछे तकनीकी निगरानी और त्वरित कार्रवाई की अहम भूमिका रही है। साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की निगरानी NCRP पोर्टल के माध्यम से लगातार की जा रही है। इसके साथ ही 1930 साइबर हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। पीड़ित जैसे ही कॉल या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करते हैं, पुलिस और संबंधित बैंक तुरंत सक्रिय हो जाते हैं। यही वजह है कि कई मामलों में ठगों द्वारा ट्रांसफर किए गए पैसे को समय रहते रोक लिया जाता है और बाद में उसे वापस पीड़ितों के खाते में भेज दिया जाता है।

संदिग्ध खातों को तुरंत कराया गया होल्ड

सोनभद्र पुलिस के अनुसार साइबर अपराध के मामलों में सबसे अहम होता है समय पर कार्रवाई। जैसे ही किसी ठगी की शिकायत मिलती है, पुलिस संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाकर तुरंत उन्हें होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू कर देती है। इसके साथ ही डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जाता है और विभिन्न बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत कई संदिग्ध खातों को ब्लॉक किया गया और उनमें मौजूद रकम को सुरक्षित कर लिया गया। बाद में यह रकम कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़ितों को वापस दिलाई गई।

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साइबर हेल्प डेस्क की टीम ने किया सराहनीय काम

इस पूरी कार्रवाई में साइबर क्राइम थाना और जिले के विभिन्न थानों में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क की टीम की अहम भूमिका रही है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के मार्गदर्शन में इन टीमों ने लगातार काम करते हुए शिकायतों की जांच की, डिजिटल ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटाई और बैंकों के साथ समन्वय बनाकर पैसे वापस कराने की प्रक्रिया पूरी की।

ठगी होते ही तुरंत करें शिकायत

सोनभद्र पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो वह बिल्कुल भी देर न करे। ऐसी स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या फिर cybercrime.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत मिलने से पुलिस को ठगों के खातों में पहुंचे पैसे को रोकने में मदद मिलती है और पीड़ित को उसकी रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

Location : 
  • sonbhadra

Published : 
  • 12 March 2026, 3:16 PM IST

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