गोरखपुर में एसएसपी का बड़ा एक्शन, कोतवाली इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, महिला चौकी प्रभारी निलंबित

गोरखपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने अनुशासनहीनता और लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की है। थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया, जबकि नगर निगम चौकी प्रभारी महिला उपनिरीक्षक दीपशिखा को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस विभाग ने साफ किया है कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Gorakhpur: गोरखपुर पुलिस महकमे में शुक्रवार को उस समय हलचल मच गई, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने अनुशासन और जवाबदेही को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दो पुलिस अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए। थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया, जबकि नगर निगम चौकी प्रभारी महिला उपनिरीक्षक दीपशिखा को कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

कार्यों की समीक्षा में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, दोनों अधिकारियों के कार्यों और जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई थी। समीक्षा के दौरान उनके कार्य निष्पादन में गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही सामने आई। इसी के आधार पर थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने का आदेश जारी किया गया। वहीं नगर निगम चौकी प्रभारी महिला उपनिरीक्षक दीपशिखा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

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महिला उपनिरीक्षक पर विभागीय जांच शुरू

पुलिस प्रशासन के अनुसार, महिला उपनिरीक्षक दीपशिखा के कार्यों में कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता, स्वेच्छाचारिता और लापरवाही पाई गई। मामले को गंभीर मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी का स्पष्ट संदेश

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने साफ किया है कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, जनता की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करना और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करना पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, अनुशासनहीनता या उदासीनता बरतता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी देरी के कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई

एसएसपी की इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में इसकी चर्चा शुरू हो गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इसे अनुशासन और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पुलिस विभाग के जानकारों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि कार्यशैली में ढिलाई या जिम्मेदारियों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों को किसी भी तरह की राहत नहीं मिलेगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  31 July 2026, 6:53 PM IST

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