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सोनभद्र जिले में दूषित जल के कारण फ्लोरोसिस फैल रहा है। पिछले तीन महीनों में 7 लोगों की मौत हो चुकी है। ‘हर घर जल नल’ योजना कागजों तक सिमटी है, प्रशासन जमीन पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, ग्रामीण सुरक्षित पेयजल के लिए संघर्षरत हैं।
स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए तत्काल योजना शुरू करने की मांग
Sonbhadra: जिले में पेयजल संकट और सरकारी उदासीनता ने स्थानीय जनता की जिंदगी को मुश्किलों में डाल दिया है। जिले के कई ब्लॉकों में दूषित पानी पीने के कारण लोग स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं, और पिछले तीन महीनों में फ्लोरोसिस से सात मौतें हो चुकी हैं।
समाजवादी पार्टी ने जिला प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा है कि 'हर घर जल नल' योजना अभी तक जमीन पर लागू नहीं हो पाई है। इसके कारण लोग सुरक्षित पेयजल के अभाव में वर्षों से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जिले के कोन ब्लॉक स्थित कचनरवां ग्राम सभा के कई गांवों में यह त्रासदी लंबे समय से जारी है।
समाजवादी पार्टी के जिला सचिव प्रमोद यादव ने बताया कि सरकारी रिकॉर्ड में इन मौतों का कारण अक्सर सामान्य बीमारी, कमजोरी या अन्य स्वास्थ्य कारण बताया जाता है। लेकिन वास्तविकता यह है कि इन मौतों का मूल कारण फ्लोरोसिस है, जो लंबे समय तक फ्लोराइड युक्त पानी पीने से उत्पन्न होता है। प्रमोद यादव ने कहा, “सरकार इन मौतों को फ्लोरोसिस से जोड़कर नहीं देखती। न तो पोस्टमार्टम में फ्लोरोसिस को मौत का कारण बताया जाता है और न ही पीड़ित परिवारों को किसी भी प्रकार की सहायता मिलती है।
सोनभद्र समाजवादी पार्टी जिला सचिव प्रमोद यादव
पिछले तीन महीनों में जिन सात लोगों की मौत हुई, उनमें कलायती, मनोहर चेरो, रघुवीर चेरो, संजय चेरो, बुद्धम धांगर और लक्ष्मी चेरो जैसे नाम शामिल हैं। ये मौतें स्थानीय लोगों के लिए एक चेतावनी हैं कि यदि सुरक्षित जल आपूर्ति नहीं हुई तो और लोगों की जान खतरे में है।
स्थानीय ग्रामीण बताते हैं कि पानी का संकट वर्षों से है, लेकिन सरकारी तंत्र ने समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला। ‘हर घर जल नल’ योजना कागजों पर तो बनाई गई, रिपोर्टें तैयार की गईं, लेकिन जमीन पर किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं दिखा। ग्रामीण मजबूरी में तालाब, कुएँ और नदियों के पानी पर निर्भर हैं, जो अक्सर दूषित और फ्लोराइडयुक्त होता है।
स्वच्छ पेयजल के अभाव में जिले में विभिन्न संक्रामक बीमारियां भी तेजी से फैल रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इसके बावजूद सरकारी तंत्र इस गंभीर स्थिति को लेकर उदासीन है।
समाजवादी पार्टी ने जिलाधिकारी से तत्काल प्रभाव से 'स्वच्छ जल हर घर जल नल' योजना शुरू करने की मांग की है, ताकि आम जनता को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके। प्रमोद यादव ने कहा, 'अगर प्रशासन ने तत्काल कदम नहीं उठाए, तो यह स्थिति और भयावह हो सकती है। जनता की जान सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि केवल कागजों और रिपोर्टों की बातें।'
सोनभद्र जिले की यह स्थिति सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विफलता को उजागर करती है। जबकि योजनाएं बनाई जा रही हैं, रिपोर्टें तैयार की जा रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आम जनता अब भी सुरक्षित जल से वंचित है। स्थानीय लोग प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि अब कोई देरी न हो और 'हर घर जल नल' योजना को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।