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अधिवक्ता फारूक हत्याकांड को लेकर रामपुर में गतिरोध और गहरा गया है। जहाँ एक ओर अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ हुई अभद्रता ने एक नया मोड़ ले लिया है।
अधिवक्ता हत्याकांड में बढ़ा बवाल
Rampur: अधिवक्ता फारूक हत्याकांड को लेकर रामपुर में गतिरोध और गहरा गया है। जहाँ एक ओर अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ हुई अभद्रता ने एक नया मोड़ ले लिया है। अब इस विवाद में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ भी कूद पड़ा है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला मंत्री सनुप कुमार सक्सेना ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिलाधिकारी (DM) राजस्व परिवार के मुखिया होते हैं और उनके प्रति अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हमें मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है कि एक व्यक्ति (रेहान) द्वारा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया है। डीएम जिले के मुखिया और एक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति हैं, उनके प्रति ऐसी टिप्पणी अत्यंत निंदनीय है।
संघ ने मांग की है कि इस मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उच्च न्यायपालिका तक पहुँचाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी के साथ ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
सक्सेना ने जोर देकर कहा कि यदि अनजाने में भी गलती हुई है, तो संबंधित व्यक्ति को माफी मांगनी चाहिए ताकि समाज में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। बता दें कि अधिवक्ता फारूक की हत्या के बाद वकील आक्रोशित हैं। शनिवार को सुबह से ही NH-24 नेशनल हाईवे (अंबेडकर पार्क के पास) पर वकीलों ने चक्का जाम कर रखा है।
उनकी प्रमुख मांगें है कि मुख्य आरोपी बाबू असगर अली और नीरज रस्तोगी की तत्काल गिरफ्तारी। आरोपियों की संपत्ति की जांच और अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई। सिविल लाइंस कोतवाली इंचार्ज का निलंबन। मृतक के परिवार को 5 करोड़ रुपये का मुआवजा।
डीएम अजय कुमार द्विवेदी और एसपी विद्यासागर मिश्र दोपहर से ही वकीलों को समझाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन शाम को वार्ता के दौरान एक अधिवक्ता द्वारा किए गए अपशब्दों के प्रयोग के बाद दोनों अधिकारी वहां से चले गए थे।
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डीएम और एसपी के प्रति अमर्यादित टिप्पणी के बाद से प्रशासनिक अमले और कर्मचारी संघों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। जिसको लेकर रोष प्रकट किया गया।