अयोध्या दान चोरी कांड: न बैंक वालों पर शिकंजा, न सफेदपोशों का खुलासा; जानिए नई SIT के आगे क्या हैं बड़ी चुनौतियां

राम मंदिर दान चोरी मामले में नई SIT गठित! IG किरण एस की अगुवाई वाली टीम के सामने सुप्रीम कोर्ट को संतुष्ट करने और बैंक कर्मियों, फर्जी रसीद व सफेदपोशों से जुड़े 7 अनसुलझे सवालों के जवाब तलाशने की सबसे बड़ी चुनौती।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 27 July 2026, 9:23 AM IST
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Ayodhya: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला के दान पात्र से हुई चोरी का मामला अब बेहद गंभीर मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। अब तक हुई पुलिस और शुरुआती एसआईटी की कार्रवाई से असंतोष के बाद, सरकार ने नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है।

जानकारों की मानें तो यदि सुप्रीम कोर्ट पहली जांच से संतुष्ट होता, तो नई टीम बनाने की नौबत ही नहीं आती। अब आईजी लखनऊ रेंज किरण एस के नेतृत्व वाली इस नई टीम के सामने सुप्रीम कोर्ट को अपनी निष्पक्षता और काबिलियत से संतुष्ट करने की सबसे बड़ी चुनौती है।

बैंक कर्मियों पर मेहरबानी क्यों?

4 जून को गणना कक्ष के पास बाथरूम से 2.25 लाख रुपये मिलने के बाद इस बड़े गोलमाल की परतें खुली थीं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि हफ्तों बीत जाने के बाद भी पुलिस सिर्फ आठ आरोपियों के आगे बढ़ ही नहीं सकी।

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पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर उठ रहा है। सुरक्षा नियमों की अनदेखी हुई, वर्दी से लेकर रोटेशन तक के नियम ताक पर रखे गए, फिर भी अब तक किसी बैंक कर्मी को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया? क्या बिना बैंक की ढिलाई के इतनी बड़ी रकम लगातार गायब होना मुमकिन था?

सीसीटीवी, रसीदें और सफेदपोशों का रहस्यमयी सन्नाटा

चोरी के इस पूरे खेल में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद किसी की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी? निगरानी करने वाले अफसर अपनी जिम्मेदारी से कैसे बच निकले? सिर्फ इतना ही नहीं, जांच में फर्जी चंदा रसीदों और चोरी के पैसों से आभूषण खरीदने वाले सफेदपोशों के शामिल होने के कयास भी लगाए जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने उनसे सिर्फ औपचारिक पूछताछ करके छोड़ दिया। क्या यह पैसा किसी बड़े सिंडिकेट तक पहुंच रहा था? इन सवालों के जवाब अभी पूरी तरह अनसुलझे हैं।

ट्रस्ट के बड़े नामों पर चुप्पी कब टूटेगी?

जनता के मन में सबसे बड़ा सवाल चंपत राय, अनिल मिश्र और गोपाल राव जैसे प्रशासनिक और ट्रस्ट से जुड़े चेहरों की भूमिका को लेकर है। शुरुआती रिपोर्ट में भले ही कुछ प्रशासनिक कमियों की ओर इशारा हुआ हो, लेकिन पुलिस ने अभी तक स्थिति साफ नहीं की है। क्या मास्टरमाइंड कहा जा रहा रामशंकर उर्फ टिन्नू अकेले इतना बड़ा नेटवर्क चला रहा था, या उसे ऊपर से शेड मिला हुआ था?

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अग्निपरीक्षा के दौर से गुजरेगी नई SIT

अब अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के साथ मिलकर आईजी किरण एस इस गुत्थी को सुलझाएंगे। क्योंकि ये अधिकारी पहले से इस मामले को देख रहे हैं, इसलिए उन्हें जमीनी हकीकत का पता है। लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह नई एसआईटी उन सातों बड़े सवालों के जवाब तलाश पाएगी, जिन पर अब तक पर्दा पड़ा हुआ था।

Location :  Ayodhya

Published :  27 July 2026, 9:23 AM IST

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