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राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम (Img- X)
Ayodhya: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था और उनके चढ़ावे से जुड़ी चोरी का मामला सामने आने के बाद पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। 7 जून को उजागर हुए इस संवेदनशील मामले ने हर किसी का ध्यान खींचा था। शुरुआती जांच में जब दान की गिनती और उसके प्रबंधन में गंभीर गड़बड़ियों के संकेत मिले, तो तुरंत विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
अब इस पूरे प्रकरण को और अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और असरदार बनाने के लिए योगी सरकार ने जांच टीम का पुनर्गठन करते हुए दो बेहद सक्षम और कड़क IPS अधिकारियों के नाम सुप्रीम कोर्ट को भेजे हैं।
पहले इस मामले की जांच कर रही एसआईटी में प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे, जिनमें लखनऊ मंडल के कमिश्नर विजय विश्वास पंत और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार मुख्य भूमिका में थे।
हालांकि, जांच को पुलिसिंग और अपराध अनुसंधान के लिहाज से अधिक तेज और धारदार बनाने के लिए इन दोनों अधिकारियों की जगह दो नए आईपीएस अधिकारियों को शामिल करने का फैसला लिया गया है। नई एसआईटी में लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस के साथ अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के नाम शामिल किए गए हैं।
2012 बैच के IPS अधिकारी सोमेन वर्मा अपनी सख्त कार्यशैली और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं। मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी सोमेन वर्मा ने असम के एनआईटी से बीटेक की पढ़ाई की और भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) में वाणिज्य मंत्रालय में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने UPSC पास कर IPS का रास्ता चुना।
मिर्जापुर और सुल्तानपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने संगठित अपराध, पशु तस्करी और चेन स्नेचिंग पर ताबड़तोड़ प्रहार किया। सुल्तानपुर में चर्चित ज्वेलरी लूट और मंगेश यादव एनकाउंटर के बाद वे देशभर की सुर्खियों में आए थे। मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान 18 से ज्यादा पुलिस मुठभेड़ों में 20 से अधिक शातिर अपराधी दबोचे गए थे। शांत स्वभाव लेकिन अपराधियों के लिए काल माने जाने वाले सोमेन वर्मा अब राम मंदिर दान चोरी की परतें खोलेंगे।
एसआईटी में शामिल दूसरे प्रमुख अधिकारी 2013 बैच के IPS डॉ. गौरव ग्रोवर हैं। पंजाब के लुधियाना के रहने वाले गौरव ग्रोवर पुलिस सेवा में आने से पहले एक पेशेवर एमबीबीएस डॉक्टर थे। चिकित्सा क्षेत्र से खाकी वर्दी का रुख करने वाले डॉ. ग्रोवर को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 2020 में सिल्वर, 2022 में गोल्ड और 2024 में महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क प्लेटिनम से सम्मानित किया जा चुका है।
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गोरखपुर, मथुरा और बहराइच के एसएसपी के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई सराहनीय प्रयोग किए। उनकी तकनीकी सूझबूझ और सूक्ष्म विश्लेषण क्षमता इस चोरी कांड के मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचने में काफी मददगार साबित होगी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब तक पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मुख्य आरोपियों मनीष यादव और टिन्नू यादव से लंबी पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण सुराग, नकदी, वाहन और दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
दूसरी ओर, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा को लेकर नई और पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू की हैं। सुप्रीम कोर्ट से नई एसआईटी को हरी झंडी मिलते ही जांच में और तेजी आएगी, जिससे दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सकेगी।
Location : Ayodhya
Published : 26 July 2026, 1:07 PM IST