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रायबरेली के डीह थाना क्षेत्र के पीड़ित परिवार एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने थाने के सिपाहियों पर उत्पीड़न और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए। न्याय न मिलने से ग्रामीण न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की अपील कर रहे हैं।
रायबरेली में पीड़ित परिवारों ने एसपी से की न्याय मांग
Raebareli: जिले के डीह थाना क्षेत्र में पुलिस महकमे की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। मंगलवार, 24 मार्च को दो दर्जन से अधिक पीड़ित परिवार पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे। उन्होंने थाने के सिपाहियों पर उत्पीड़न, मारपीट और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय थाने में कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। जब न्याय स्थानीय स्तर पर नहीं मिला, तो उन्होंने सीधे एसपी कार्यालय का रुख किया। उनका कहना है कि थाने के कुछ सिपाहियों ने उनके साथ बेरहमी से पेश आया, मारपीट की और मानसिक उत्पीड़न किया।
एक पीड़ित ने बताया, 'हमने थाना प्रभारी से शिकायत की, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। हमें मजबूरन एसपी साहब के पास आना पड़ा। सिपाहियों ने हम पर अत्याचार किया है, मारपीट की है। हम निर्दोष हैं, फिर भी परेशान किए जा रहे हैं। हम सिर्फ न्याय चाहते हैं।'
दूसरे ग्रामीणों ने भी यही बताया कि बार-बार थाने जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ित परिवार एकजुट होकर एसपी कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत सौंपकर दोषी सिपाहियों पर उचित कार्रवाई की मांग की।
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इस घटना ने रायबरेली जिले में पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता जब थाने से न्याय नहीं पाती तो मजबूरन उच्च अधिकारियों के पास जाती है। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे की साख को भी प्रभावित किया है।
एसपी कार्यालय ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन पीड़ित परिवारों का कहना है कि दोषी सिपाहियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य निर्दोष व्यक्ति के साथ ऐसा न हो।
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ग्रामीणों ने एसपी से अपील की कि दोषियों को दंडित किया जाए और पीड़ितों को न्याय मिले। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराने के लिए मजबूर होंगे।