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उत्तर प्रदेश पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा में पूछे गए सवाल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राष्ट्रीय परशुराम सेना ब्रह्मावाहिनी ने प्रयागराज में सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहे पर धरना प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा मामले ने पकड़ा तूल
Prayagraj: उत्तर प्रदेश पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा में पूछे गए सवाल को लेकर विवाद हो गया है। राष्ट्रीय परशुराम सेना ब्रह्मावाहिनी ने प्रयागराज में सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहे पर धरना प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ब्राह्मणों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार ब्राह्मण विरोधी काम कर रही है। उनका कहना है कि परीक्षा में पूछे गए सवाल में "अवसर के अनुसार बदल जाने वाले" ऑप्शन में "पंडित" को रखा गया था, जिसे ब्राह्मण समाज का अपमान माना जा रहा है।
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डॉक्टर विमल तिवारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष परशुराम सेना, ने कहा कि इस तरह के सवाल से ब्राह्मण समाज को समाज में नीचा दिखाने का काम किया जा रहा है और ब्राह्मण समाज इसको बर्दाश्त नहीं करेगा।
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया साइट एक्स यह भी कहा कि इस पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है। प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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वहीं, बीजेपी युवा मोर्चा के पूर्व महामंत्री अभिजात मिश्रा का कहना है कि जिस तरीके से इस प्रश्न को बनाया गया है और पंडित शब्द को फिर से टारगेट किया गया है। जो बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में मुख्यमंत्री से निवेदन करता हूं, जिन लोगों ने इस मानसिकता के साथ प्रश्न पत्र बनाया है।
उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। उनको जेल भी भेजा जाना चाहिए। जैसा कि डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा है मैं भी चाहता हूं कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। हर जाति ने देश की आजादी के लिए बहुत काम किया है। उनमें से ब्राह्मणों का भी बहुत बड़ा श्रेय और योगदान है।