प्रयागराज सिर्फ संगम नहीं: माघ मेले में दिखती है शहर की असली रौनक, जानें इन स्पेशल स्पॉट्स के बारे में

माघ मेले के दौरान प्रयागराज सिर्फ संगम नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत भी दिखाती है। त्रिवेणी संगम, चंद्रशेखर आजाद पार्क, ऑल सेंट्स कैथेड्रल, इलाहाबाद किला और आनंद भवन जैसी जगहें यात्रियों को आस्था, शांति और इतिहास का अनूठा अनुभव देती हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 11 February 2026, 12:54 PM IST
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1 / 6 \"Zoom\"माघ मेला 3 जनवरी, 2026 से शुरू हो गया है और शहर की सड़कों पर आस्था और उत्साह का माहौल साफ दिख रहा है। संगम ही नहीं, बल्कि शहर की असली खूबसूरती माघ मेले के दौरान इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जगहों पर भी देखने को मिलती है। 2025 के डेटा से पता चलता है कि लोग छुट्टियों के लिए गोवा या कश्मीर से ज्यादा प्रयागराज को ढूंढ रहे हैं। विजिटर सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि शहर की विरासत, शांति और इतिहास का भी अनुभव करना चाहते हैं। (Img: Google)
2 / 6 \"Zoom\"त्रिवेणी संगम प्रयागराज की पहचान है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का यह संगम धार्मिक और आध्यात्मिक नज़रिए से बहुत कीमती है। माघ मेले के दौरान संगम के किनारे भक्तों की भीड़ उमड़ती है। नाव की सवारी और सूर्यास्त के समय संगम का नज़ारा एक अनोखा अनुभव देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां डुबकी लगाने से पाप धुल जाते हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। (Img: Google)
3 / 6 \"Zoom\"चंद्रशेखर आज़ाद पार्क शहर की भागदौड़ से दूर आराम करने और रिलैक्स करने के लिए एकदम सही जगह है। यह पार्क महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की बहादुरी की निशानी है। पार्क की हरियाली, ऊंची मूर्ति और ठंडी हवा में टहलना देश के शानदार इतिहास की याद दिलाता है। (Img: Google)
4 / 6 \"Zoom\"उत्तर भारत का एक खूबसूरत चर्च, ऑल सेंट्स कैथेड्रल अपने नियो-गॉथिक स्टाइल और रंगीन कांच की खिड़कियों के लिए मशहूर है। यह जगह एक शांत जगह है और आर्किटेक्चर पसंद करने वालों के लिए एक बड़ा आकर्षण है। अगर आप शांति और सुकून का अनुभव करना चाहते हैं, तो इस जगह को जरूर देखें। (Img: Google)
5 / 6 \"Zoom\"यमुना के किनारे बसा यह किला मुगल बादशाह अकबर ने बनवाया था। इसकी मोटी और ऊंची दीवारें उस ज़माने की शान और ताकत को दिखाती हैं। किले के पास सरस्वती कुआं और दूसरी ऐतिहासिक जगहें इतिहास पसंद करने वालों के लिए खास हैं। (Img: Google)
6 / 6 \"Zoom\"नेहरू-गांधी परिवार का पुश्तैनी घर, जिसे अब म्यूजियम में बदल दिया गया है, आनंद भवन देश के राजनीतिक इतिहास को करीब से दिखाता है। आजादी की लड़ाई के दौरान हुई जरूरी मीटिंग्स और पंडित नेहरू के निजी सामान की कहानियाँ यहां जिंदा हो जाती हैं। (Img: Google)

Location : 
  • Prayagraj

Published : 
  • 11 February 2026, 12:54 PM IST

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