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पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पन्नालाल कश्यप मेरठ से गिरफ्तार (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Bareilly: बरेली पुलिस ने किसानों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार के दौरान वर्ष 2007 में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे पन्नालाल कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। क्राइम ब्रांच ने उसे मेरठ से दबोचने के बाद बरेली लाकर भोजीपुरा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
पुलिस जांच के अनुसार, पन्नालाल कश्यप मूल रूप से गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र के गढ़ी इलाके का रहने वाला है। इस हाई-प्रोफाइल ठगी के नेटवर्क ने किसानों को उनकी जमीन के बदले भारी मुनाफा और व्यावसायिक परियोजनाओं का लालच दिया था।
आरोपियों ने भोले-भाले किसानों को उनकी जमीन की बेहतरीन कीमत दिलाने का झांसा दिया। किसानों को विश्वास दिलाया गया कि उनकी जमीनों पर होटल, फैक्टरी और अन्य बड़े व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स स्थापित किए जाएंगे। इसके नाम पर किसानों से भारी रकम ऐंठ ली गई।
हालांकि, रकम वसूलने के बाद न तो कोई सौदा पूरा किया गया और न ही किसानों को उनकी राशि वापस लौटाई गई। पीड़ित पिछले करीब तीन साल से न्याय के लिए थानों के चक्कर काट रहे थे। शुरुआती स्तर पर थानों में सुनवाई न होने के कारण मामला ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा था, लेकिन पीड़ितों की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाए गए।
मामले की गंभीरता को भांपते हुए तत्कालीन आईजी राकेश कुमार सिंह और वर्तमान एसएसपी अनुराग आर्य ने कड़ा संज्ञान लिया। इसके बाद विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई और कई मामलों की विवेचना सीधे बरेली क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई।
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने जाल बिछाकर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले गाजियाबाद स्थित उसके ठिकानों पर दबिश दी, जहां वह चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा। इसके बाद तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर मेरठ में घेराबंदी कर उसे धर दबोचा गया।
एसएसपी अनुराग आर्य ने पुष्टि की है कि मुख्य आरोपी पन्नालाल कश्यप को गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उसके खिलाफ अकेले बरेली जिले के अलग-अलग थानों में लगभग 38 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें भोजीपुरा थाने के मामले प्रमुख हैं।
पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि किसानों से ठगी गई करोड़ों रुपये की धनराशि को किन-किन व्यावसायिक या व्यक्तिगत संपत्तियों में निवेश किया गया है। इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की पहचान भी कर ली गई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई से लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे किसानों में दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा मिलने की उम्मीद जग गई है।
Location : Bareilly
Published : 15 September 2026, 2:34 PM IST