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समाजवादी पार्टी और बीजेपी (Source: Pinterest)
Kanpur: फीलखाना थाना क्षेत्र की चौकी में देर रात उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब चोरी के मामले में हिरासत में लिए गए अमन अग्रवाल को पुलिस ने छोड़ दिया। अमन के बाहर आते ही उन्हें छुड़ाने का श्रेय लेने को लेकर भाजपा और सपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इससे पहले सपा विधायक अमिताभ बाजपेई पुलिस पर अमन के साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए चौकी में धरने पर बैठे थे।
मामला कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र के घुमनी मोहाल का है। यहां रहने वाले राजेश अग्रवाल द्वारिकाधीश मंदिर के मैनेजर बताए जा रहे हैं। बताया गया कि शुक्रवार रात परिवार घर में सो रहा था। इसी दौरान चोरों ने घर में घुसकर करीब तीन लाख रुपये नकद और चांदी के जेवरात चोरी कर लिए।
सुबह चोरी की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। इसी दौरान अमन अग्रवाल को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
अमन की हिरासत की जानकारी मिलने पर आर्य नगर से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई बीट चौकी पहुंचे और धरने पर बैठ गए। विधायक ने आरोप लगाया कि अमन निर्दोष है और पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसके साथ पट्टे से मारपीट की।
विधायक ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की। विरोध के दौरान उन्होंने अपने कंधे पर पट्टा डालकर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पूछताछ के नाम पर किसी के साथ इस तरह की मारपीट स्वीकार नहीं की जा सकती।
वहीं पुलिस ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया। एसीपी अमित पांडे के मुताबिक फीलखाना क्षेत्र में चोरी की सूचना के बाद कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट नहीं की गई।
हालांकि देर रात अमन अग्रवाल को पुलिस ने छोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक पूरे मामले की जांच की जा रही है और चोरी की घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल जारी है।
अमन के चौकी से बाहर निकलते ही घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। उनकी रिहाई की सूचना मिलते ही भाजपा के कई नेता और पार्षद भी चौकी पहुंच गए। इसके बाद अमन को छुड़ाने का श्रेय लेने को लेकर भाजपा और सपा नेताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
कुछ ही देर में माहौल गर्म हो गया। स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और नेताओं को चौकी परिसर से बाहर कर दिया। इसके बाद किसी तरह मामला शांत कराया गया।
एक तरफ चोरी के मामले में पुलिस की पूछताछ और दूसरी तरफ मारपीट के आरोपों ने मामला गरमा दिया। अमन के छूटने के बाद भाजपा-सपा नेताओं की श्रेय की सियासत ने फीलखाना चौकी के देर रात के घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया।
Location : Kanpur
Published : 15 September 2026, 1:47 PM IST