अंदर की बात बाहर गई तो कार्रवाई तय! राम मंदिर में नई ‘लक्ष्मण रेखा’, पुजारियों से लेकर कर्मचारियों तक पर सख्ती

अयोध्या के राम मंदिर में अब अंदर की हर गतिविधि पर नजर और नियम पहले से ज्यादा सख्त होने जा रहे हैं। कर्मचारियों से लेकर पुजारियों तक को मंदिर की आंतरिक जानकारी बाहर साझा न करने की हिदायत दी गई है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 15 September 2026, 1:22 PM IST
google-preferred

Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में अब अंदर की व्यवस्थाओं और गतिविधियों को लेकर नियम और सख्त किए जा रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कर्मचारियों, अधिकारियों और पुजारियों को मंदिर परिसर से जुड़ी आंतरिक जानकारी अनधिकृत रूप से बाहर साझा न करने के निर्देश दिए हैं। यानी मंदिर के अंदर क्या व्यवस्था चल रही है, कौन सा फैसला लिया गया या प्रशासनिक स्तर पर क्या बदलाव हो रहे हैं, इसकी जानकारी बाहर पहुंचाने पर कार्रवाई हो सकती है।

नई व्यवस्था में खास तौर पर सूचना की गोपनीयता को प्राथमिकता दी जा रही है। मंदिर प्रशासन का जोर इस बात पर है कि आंतरिक व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी केवल अधिकृत स्तर पर ही साझा की जाए।

पुजारियों के लिए भी नियम हुए सख्त

रामलला की सेवा में लगे पुजारियों को भी मंदिर की आंतरिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं को सार्वजनिक नहीं करने की हिदायत दी गई है। इतना ही नहीं, मंदिर में सेवा के दौरान पुजारियों के मोबाइल इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। नियमों का उल्लंघन होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

मंदिर के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को भी परिसर की गोपनीयता बनाए रखने से जुड़े निर्देश दिए गए हैं। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने भी कर्मचारियों को अनधिकृत तरीके से सूचना साझा न करने की बात कही है।

ये भी पढ़ें- घर-दुकानों के सामने नहीं लगने देंगे खंभे! बिहारगंज में हाईटेंशन लाइन पर बवाल, SDO से हुई झड़प

दान की गिनती में भी बढ़ी निगरानी

राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती को लेकर भी व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं। गिनती करने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली आसमानी गाउन अनिवार्य कर दी गई है। इसके लिए अलग चेंजिंग रूम बनाया गया है। एंट्री और एग्जिट दोनों जगह तलाशी होगी और मोबाइल समेत निजी सामान लॉकर में रखना जरूरी होगा। गिनती के दौरान कर्मचारियों के आपस में बातचीत करने पर भी रोक रहेगी। पहले टेबल-कुर्सी पर होने वाली गिनती की जगह अब फर्श पर प्लाईवुड बिछाकर गिनती की जा रही है। इसका उद्देश्य ऐसी किसी भी संभावना को खत्म करना है, जिससे नोट या अन्य सामान छिपाया जा सके।

गिनती कक्ष में 13 नए सीसीटीवी और पीटीजेड कैमरे लगाए गए हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जा रही है। दान पेटी से लेकर काउंटिंग सेंटर तक पहुंचने की प्रक्रिया में एसबीआई अधिकारियों की निगरानी और सील की व्यवस्था रखी गई है।

सुरक्षा से लेकर कंट्रोल रूम तक बदलाव

मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। निजी सुरक्षा कर्मियों की संख्या 300 से बढ़ाकर 350 की गई है। वहीं, दान पेटियों को काउंटिंग सेंटर तक पहुंचाने के लिए 27 अतिरिक्त एसआईएस कर्मियों को लगाया गया है। इसके अलावा कंट्रोल रूम की पूरी टीम बदलकर नई टीम बनाई गई है। मंदिर से जुड़े पास और बैंकिंग सिस्टम में भी बदलाव किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन बदलावों के पीछे व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित और नियंत्रित बनाने पर जोर बताया जा रहा है।

ये भी पढ़ें- पिता तिहाड़ में, बेटा विदेश से लौटते ही गिरफ्तार: अब होगा आमना-सामना! 13,000 करोड़ के ड्रग्स केस में बड़ा एक्शन

सीईओ की नियुक्ति पर भी उठा सवाल

इन सबके बीच मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के चयन को लेकर भी सवाल उठे हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट को पत्र भेजकर चयन प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय के एक पॉडकास्ट में दिए कथित बयान का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि अगर जितेंद्र मिश्र अंतिम 16 उम्मीदवारों में शामिल नहीं थे और उन्होंने इंटरव्यू भी नहीं दिया था, तो फिर उनका नाम अंतिम तीन उम्मीदवारों में किस प्रक्रिया के तहत आया।

चढ़ावा चोरी मामले में जमानत पर अब 17 सितंबर को सुनवाई

राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की चोरी के आरोप से जुड़े मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा और करुणेश पांडेय की जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। विवेचक आशुतोष तिवारी ने कोर्ट से मामले में बिंदुवार रिपोर्ट दाखिल करने के लिए पांच दिन का समय मांगा।

विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट रजत वर्मा ने आवेदन स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की है। कोर्ट ने केस डायरी के साथ रिपोर्ट भी तलब की है। इससे पहले अन्य आरोपियों की जमानत अर्जियों पर भी विवेचक की रिपोर्ट पेश नहीं होने के कारण सुनवाई टल चुकी है।

Location :  Ayodhya

Published :  15 September 2026, 1:22 PM IST

Related News

Advertisement