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राम मंदिर में बड़ा बदलाव (Image: Pinterest)
Ayodhya: राम मंदिर में दर्शन के लिए रोज उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़, देशभर से आने वाला चढ़ावा और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर अब तस्वीर और ज्यादा साफ दिखाई देगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर की प्रशासनिक और व्यावहारिक व्यवस्थाओं को पारदर्शी, व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि के अनुसार, आने वाले समय में राम मंदिर में रोजाना कितने श्रद्धालु पहुंचे और कितनी दानराशि प्राप्त हुई, इसका ब्योरा वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाएगा।
राम मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अलग-अलग पर्वों और विशेष अवसरों पर यह संख्या और बढ़ जाती है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और प्राप्त चढ़ावे को लेकर लोगों की दिलचस्पी भी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट अब आंकड़ों को सार्वजनिक करने की दिशा में काम कर रहा है। गोविंद देव गिरि ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में वेबसाइट पर रोजाना आने वाले श्रद्धालुओं और प्राप्त दानराशि का विवरण उपलब्ध कराया जाएगा।
राम मंदिर की धार्मिक परंपराओं और पूजा-पद्धति में किसी तरह के बदलाव की बात नहीं है। ट्रस्ट के मुताबिक मंदिर की पूजा, धार्मिक परंपराएं और उत्सवों का संचालन संतों तथा विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में ही होगा। हालांकि मंदिर की बाहरी प्रशासनिक और व्यावहारिक व्यवस्थाओं में आधुनिक प्रबंधन प्रणाली अपनाने की तैयारी है। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा, कर्मचारियों की व्यवस्था, सुरक्षा, सेवा और अन्य प्रशासनिक काम शामिल होंगे।
राम मंदिर को सिर्फ एक धार्मिक स्थल के तौर पर नहीं, बल्कि अयोध्या की सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्था से जोड़कर आगे बढ़ाने की योजना पर भी जोर दिया जा रहा है। ट्रस्ट का प्रयास है कि मंदिर की व्यवस्थाओं में अयोध्या के संतों और स्थानीय जनमानस की भागीदारी बढ़ाई जाए। स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं और भावनाओं को समझकर व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने की योजना है। इसका मकसद राम मंदिर और अयोध्या के बीच संबंध को और मजबूत करना है।
राम मंदिर ट्रस्ट सीता रसोई और अन्नक्षेत्र की व्यवस्था को भी नए सिरे से देखने की तैयारी में है। कोशिश यह है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद और भोजन ज्यादा सम्मानजनक, व्यवस्थित और बेहतर तरीके से उपलब्ध कराया जा सके। फिलहाल सीता रसोई में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में खिचड़ी दी जाती है। अब ट्रस्ट बेहतर भोजन व्यवस्था की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और जरूरत के मुताबिक बदलाव किए जाएंगे।
राम मंदिर परिसर में बन रहा भव्य ऑडिटोरियम भी नई व्यवस्था का अहम हिस्सा होगा। इसके दिसंबर तक तैयार होने की संभावना है। इसमें एक साथ करीब 500 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। ऑडिटोरियम में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। खास बात यह है कि सिर्फ अयोध्या ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले कलाकारों को भी यहां अपनी प्रस्तुति देने का अवसर देने की योजना है।
इधर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त CEO एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र ने भी अपनी नई जिम्मेदारी संभालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अयोध्या में दो दिन के प्रवास के दौरान उन्होंने राम मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक की और मंदिर की मौजूदा व्यवस्था को समझने की कोशिश की। इन बैठकों में मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं, कर्मचारियों, सुरक्षा, सेवा-पूजा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
जितेंद्र मिश्र ने कहा है कि वह फिलहाल पूरे सिस्टम को समझने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मंदिर जाकर व्यवस्थाओं को देखा है और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठकर आगे की प्लानिंग पर चर्चा की है। नई जिम्मेदारी के तहत एक अलग टीम गठित किए जाने की भी संभावना है। इस टीम में मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं को अच्छी तरह समझने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले लोगों को शामिल किया जा सकता है।
राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए व्यवस्था को लगातार अपडेट करना बड़ी चुनौती है। दर्शन व्यवस्था से लेकर सुरक्षा, स्वच्छता, भोजन, प्रसाद और कर्मचारियों के प्रबंधन तक हर स्तर पर बेहतर व्यवस्था की जरूरत है। ट्रस्ट की नई पहल इसी दिशा में दिखाई दे रही है। एक तरफ दान और श्रद्धालुओं के आंकड़े सार्वजनिक करने की तैयारी है तो दूसरी तरफ प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
Location : Ayodhya
Published : 6 September 2026, 2:10 PM IST