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महराजगंज के पनेवा में माघी पूर्णिमा और संत शिरोमणि रविदास जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। बुद्ध मेला सामाजिक समरसता और आस्था का केंद्र बना। पूर्व मंत्री सुशील कुमार टिबड़ेवाल सहित कई वक्ताओं ने बुद्ध दर्शन और संत रविदास के विचारों पर प्रकाश डाला।
पनेवा गांव में बुद्ध मेला का आयोजन
Maharajganj: महराजगंज जनपद के सदर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पनेवा गांव में माघी पूर्णिमा एवं संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समरसता के साथ भव्य आयोजन किया गया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, इस अवसर पर विश्वदीप डॉक्टर भीमराव अंबेडकर बुद्ध बिहार सेवा समिति पनेवा-पनेई के तत्वाधान में माघी पूर्णिमा (बुद्ध बिहार पुनर्निर्माण घोषणा दिवस) समारोह एवं बुद्ध मेला का आयोजन किया गया, जो क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बन गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग शामिल हुए। समारोह का उद्देश्य भगवान बुद्ध के करुणा, शांति और समानता के संदेश के साथ-साथ संत शिरोमणि रविदास के सामाजिक समरसता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुशील कुमार टिबड़ेवाल ने महाराजगंज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह भूमि भगवान बुद्ध के ननिहाल महाराज अंजन की पावन धरती है और आने वाले समय में इसका गौरव पूरे विश्व में फैलेगा। उन्होंने कहा कि बुद्ध और रविदास दोनों के विचार आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
पूर्व मंत्री ने संत शिरोमणि रविदास के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे सामाजिक समानता, भाईचारे और मानवता के प्रबल समर्थक थे। उनकी लगभग डेढ़ सौ वाणियां सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित हैं।
बौद्धाचार्य श्रवण पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बुद्ध के करुणा और अहिंसा के संदेश को आगे बढ़ाने का कार्य संत रविदास जी ने किया। उन्होंने समाज को जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
बुद्ध मेला के दौरान सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। मेले में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, विचार गोष्ठियों और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ, जिसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर डॉ. एस.एस. पटेल, बौद्धाचार्य श्रवण पटेल, संस्थापक/प्रबंधक बुद्ध प्रिय स्थविर, कोषाध्यक्ष अम्बरिश गौतम, रामचंद्र बौद्ध, उप प्रबंधक जगलाल बौद्ध, अध्यक्ष नंदलाल गौतम, महेंद्र, अजीत, हीरा लाल जख्मी सहित अनेक गणमान्य नागरिक और क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।