हिंदी
वैलेंटाइन डे 2026 में प्यार की सोच बदलती नजर आ रही है। अब यह दिन सिर्फ कपल्स के लिए नहीं, बल्कि सेल्फ-लव और मेंटल हेल्थ को प्राथमिकता देने का अवसर बन रहा है। जानिए क्यों युवा इस बार खुद को चुन रहे हैं।
वैलेंटाइन डे (Img Source: Google)
New Delhi: वैलेंटाइन डे अब सिर्फ रोमांटिक कपल्स तक सीमित नहीं रह गया है। साल 2026 में यह दिन प्यार की बदलती सोच का प्रतीक बनता जा रहा है, जहां रिश्तों के साथ-साथ सेल्फ-लव और मेंटल हेल्थ भी अहम चर्चा का हिस्सा बन चुके हैं। खासकर युवा वर्ग वैलेंटाइन डे को खुद से जुड़ने और आत्मचिंतन के अवसर के रूप में देख रहा है।
आज की पीढ़ी यह मानने लगी है कि किसी और से प्यार करने से पहले खुद को समझना और अपनाना जरूरी है। इसी सोच के चलते कई युवा इस बार वैलेंटाइन डे अकेले, दोस्तों के साथ या खुद के लिए समय निकालकर मना रहे हैं। सोशल मीडिया पर “Self Valentine” और “Love Yourself First” जैसे ट्रेंड्स इस बदलाव को साफ तौर पर दर्शाते हैं।
पहले वैलेंटाइन डे पर सिंगल होना कई लोगों के लिए सामाजिक दबाव और उदासी का कारण बनता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। मेंटल हेल्थ को लेकर बढ़ी जागरूकता ने यह सोच पैदा की है कि अकेले रहना भी एक हेल्दी चॉइस हो सकती है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि भावनात्मक संतुलन किसी भी रिश्ते से ज्यादा जरूरी है।
Valentine Week: रोज डे के साथ वैलेंटाइन वीक की शुरूआत, जानें गुलाब के पीछे का रोमांटिक इतिहास
इस बार सोशल मीडिया पर सिर्फ कपल रील्स ही नहीं, बल्कि जर्नलिंग, थैरेपी, फिटनेस, सोलो ट्रैवल और डिजिटल डिटॉक्स से जुड़े कंटेंट भी ट्रेंड कर रहे हैं। लोग यह दिखा रहे हैं कि वे इस दिन खुद को क्या गिफ्ट दे रहे हैं, जैसे मानसिक शांति, समय या आत्मविश्वास।
काउंसलर्स और मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स इस बदलाव को सकारात्मक मानते हैं। उनका कहना है कि जब व्यक्ति खुद से संतुलन में होता है, तभी वह हेल्दी रिश्ते बना पाता है। सेल्फ-लव से लोग टॉक्सिक रिलेशनशिप से बचते हैं और अपनी सीमाओं को बेहतर समझ पाते हैं।