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आज 2 फरवरी 2026 से फाल्गुन मास की शुरुआत हो गई है। यह महीना महाशिवरात्रि और होली जैसे बड़े पर्वों के लिए जाना जाता है। मान्यता है कि फाल्गुन में भगवान शिव और श्रीकृष्ण की पूजा से कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
शिव (Img Source: Google)
New Delhi: हिंदू पंचांग के अनुसार आज यानी 2 फरवरी 2026 से साल के अंतिम और सबसे ऊर्जावान महीने फाल्गुन मास की शुरुआत हो गई है। भक्ति, उल्लास और रंगों से भरा यह महीना 3 मार्च 2026 तक चलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन मास अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसी महीने महाशिवरात्रि और होली जैसे बड़े पर्व मनाए जाते हैं।
धार्मिक विश्वास है कि फाल्गुन में भगवान शिव और श्री कृष्ण की सच्चे मन से पूजा करने पर जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
फाल्गुन मास में महादेव की कृपा पाने के अचूक उपाय
फाल्गुन मास में शिव आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। यदि आप आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव या शारीरिक कष्टों से परेशान हैं, तो इस महीने ये उपाय जरूर करें।
शिवलिंग अभिषेक
प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर जल अर्पित करें। अगर संभव हो तो जल में थोड़ा गंगाजल और काले तिल मिलाएं।
अभिषेक के दौरान ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करने से विशेष फल मिलता है।
बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें
महादेव को बेलपत्र और धतूरा अत्यंत प्रिय हैं। ध्यान रखें कि बेलपत्र कटा-फटा न हो। इसे श्रद्धा से अर्पित करने पर शिव कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।
सफेद वस्तुओं का दान
फाल्गुन मास में दूध, दही, घी, चावल या सफेद वस्त्रों का दान शुभ माना जाता है। इससे चंद्रमा मजबूत होता है और मानसिक शांति मिलती है।
चंदन का लेप
शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
महाशिवरात्रि की तैयारी
फाल्गुन मास में ही महाशिवरात्रि आती है। पूरे महीने शिव चालीसा या शिव पंचाक्षर स्तोत्र का नियमित पाठ करना बेहद फलदायी माना गया है।
फाल्गुन मास हिंदू वर्ष का बारहवां और अंतिम महीना होता है। इसे आनंद और उल्लास का महीना कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस महीने के स्वामी चंद्रमा हैं। इस समय वसंत ऋतु का प्रभाव बढ़ता है, जिससे मन में सकारात्मकता, ऊर्जा और नई शुरुआत की भावना जागृत होती है।