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Budget Day की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में हल्की रिकवरी दिखी। सोमवार को Sensex और Nifty हरे निशान में खुले, लेकिन STT बढ़ोतरी और ऊंची वोलैटिलिटी के चलते निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।
शेयर बाजार (Img Source: Google)
New Delhi: बजट डे पर आई तेज गिरावट के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने हल्की संभलने की कोशिश की। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन Sensex और Nifty दोनों ही बढ़त के साथ खुले, लेकिन बाजार की चाल अब भी सतर्क बनी हुई है। निवेशक हालिया बजट घोषणाओं, खासतौर पर F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ोतरी के असर को लेकर फिलहाल इंतजार के मूड में नजर आ रहे हैं।
सोमवार सुबह 9:25 बजे, Sensex 223 अंकों की बढ़त के साथ 80,946 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि Nifty 31 अंक चढ़कर 24,856 पर पहुंच गया। हालांकि, बाजार की ब्रेड्थ कमजोर रही। जहां 1,548 शेयरों में गिरावट देखने को मिली, वहीं केवल 1,183 शेयर ही बढ़त में रहे। इससे साफ है कि खरीदारी चुनिंदा शेयरों तक ही सीमित रही।
यह रिकवरी रविवार को आई भारी गिरावट के बाद देखने को मिली है, जब Nifty करीब 2 प्रतिशत टूट गया था। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने F&O ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का ऐलान किया था। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम रिटेल निवेशकों की अत्यधिक सट्टेबाजी को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है, लेकिन इसका तात्कालिक असर बाजार की धारणा पर नकारात्मक पड़ा।
बाजार में अस्थिरता का संकेत देने वाला इंडिया VIX अब भी 15 के ऊपर बना हुआ है, जो निवेशकों की चिंता को दर्शाता है। टेक्निकल एनालिस्ट्स का मानना है कि 25,000 के नीचे Nifty कमजोर बना हुआ है। फिलहाल 24,650-24,700 का स्तर नजदीकी सपोर्ट के तौर पर अहम माना जा रहा है।
शुरुआती कारोबार में इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और मेटल सेक्टर में हल्की मजबूती देखने को मिली। Larsen & Toubro, Adani Ports, Bharat Electronics और Reliance Industries जैसे शेयर Nifty के टॉप गेनर्स रहे। वहीं ऑटो, FMCG और हेल्थकेयर सेक्टर दबाव में दिखे। Shriram Finance, Bajaj Auto, Titan, Cipla और ITC जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग शेयरों में सुस्ती रही, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने बड़े इंडेक्स की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि Nifty मौजूदा स्तरों के ऊपर खुद को स्थिर कर पाता है या नहीं। बजट में ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन पर जोर दिया गया है, लेकिन STT बढ़ोतरी से ट्रेडिंग वॉल्यूम, लिक्विडिटी और वोलैटिलिटी पर असर पड़ा है।
ग्लोबल संकेत फिलहाल मिले-जुले हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से प्रवाह कमजोर है और बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशक पोस्ट-बजट स्थिति और कॉर्पोरेट अर्निंग्स से जुड़े साफ संकेतों का इंतजार करेंगे, जिससे निकट भविष्य में बाजार सीमित दायरे में ही कारोबार कर सकता है।