Budget 2026: राजकोषीय घाटे पर काबू की तैयारी, जानिये GDP को लेकर ये बड़ा अपडेट

केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने राजकोषीय अनुशासन पर जोर देते हुए घाटा GDP के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का अनुमान जताया है। 2025-26 में यह 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 1 February 2026, 1:45 PM IST
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New Delhi: बजट अनुमान 2026-27 के अनुसार, राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि सरकार सामाजिक जरूरतों से समझौता किए बिना वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

2025-26 के संशोधित अनुमान

वित्त मंत्री ने बताया कि संशोधित अनुमान 2025-26 के अनुसार राजकोषीय घाटा GDP का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा सरकार द्वारा पहले किए गए 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने के वादे के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में की गई राजकोषीय समेकन की प्रतिबद्धता को सरकार ने समय पर पूरा किया है।

निर्मला सीतारमण के अनुसार, बजट अनुमान 2026-27 में ऋण-से-GDP अनुपात 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि संशोधित अनुमान 2025-26 में यह 56.1 प्रतिशत था। गिरता हुआ ऋण -से- जीडीपी अनुपात धीरे-धीरे ब्‍याज भुगतान पर व्‍यय को कम करके प्राथमिक क्षेत्र के व्‍यय के लिए संसाधनों को मुक्‍त करेगा।

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सरकारी खर्च और पूंजीगत निवेश

वित्त मंत्री ने संसद को सूचना देते हुए बताया कि गैर-ऋण प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 34 लाख करोड़ रुपये है जिसमें केंद्र की निवल कर प्राप्तियां 26.7 लाख करोड़ रुपये है। कुल व्‍यय का संशोधित अनुमान 49.6 लाख करोड़ रुपये है जिसमें पूंजीगत व्‍यय लगभग 11 लाख करोड़ रुपये है।

2026-27 के बजट अनुमान

बजट अनुमान 2026-27 के लिए सरकार ने गैर-ऋण प्राप्तियों को 36.5 लाख करोड़ रुपये और कुल व्यय को 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है। वहीं, केंद्र की निवल कर प्राप्तियां बढ़कर 28.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।

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सकल बाजार उधारियों की योजना

वित्त मंत्री ने बताया कि राजकोषीय घाटे के वित्तपोषण के लिए दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए निवल बाजार उधारी 11.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। शेष राशि की पूर्ति छोटी बचत योजनाओं और अन्य स्रोतों से की जाएगी। कुल सकल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

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  • New Delhi

Published : 
  • 1 February 2026, 1:45 PM IST

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