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बजट 2026-27 में निजी आयात, गंभीर रोगियों की दवाओं और निर्यात प्रक्रिया में सुधार के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए गए। शुल्क दर घटाई गई, मरीजों को राहत और व्यापारियों को सुविधा दी गई।
बजट में स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। बजट में सीमा शुल्क और केंद्रीय शुल्क को सरल और व्यापार के अनुकूल बनाने के कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। इन प्रस्तावों का उद्देश्य न केवल घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और निर्यात प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना है, बल्कि आम नागरिकों और मरीजों को भी राहत प्रदान करना है।
बजट में निजी उपयोग के लिए आयातित सभी शुल्क योग्य वस्तुओं पर प्रशुल्क दर 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य आयात प्रक्रिया को आसान बनाना और व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं की कीमत को सस्ता करना है।
विशेष रूप से कैंसर पीड़ित मरीजों के लिए बजट में 17 प्रकार की औषधियों और दवाओं पर मूल सीमा शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, सात अन्य अतिरिक्त असाधारण रोगों के लिए, कैंसर रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली औषधियों और FSMP के निजी आयात पर आयात शुल्क से पूरी छूट दी जाएगी। यह कदम गंभीर रोगों से प्रभावित मरीजों के आर्थिक बोझ को कम करने और उनके इलाज की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
बजट 2026 में हेल्थ को बड़ी राहत (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
बजट में अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों की वास्तविक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए समान निकासी प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत सीमा शुल्क-मुक्त भत्ते में वृद्धि की जाएगी और यात्रियों द्वारा लायी या ले जायी जाने वाली वस्तुओं की अस्थायी ढुलाई को अधिक स्पष्ट और सरल बनाया जाएगा।
व्यापार को सुगम और त्वरित बनाने के लिए बजट में टियर 2 और टियर 3 प्राधिकृत आर्थिक प्रचालकों के लिए शुल्क स्थगन अवधि 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही, पात्र विनिर्माताओं और आयातकों को समान शुल्क स्थगन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इससे व्यापारियों को नियत समय पर पूर्ण टियर 3-एईओ प्रमाणन प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
बजट में इलेक्ट्रॉनिक सीलिंग का उपयोग करने वाले निर्यात कार्गो को फैक्ट्री से पोत तक पूर्ण समाशोधन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इससे निर्यात प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्वरित होगी और व्यापारियों को अतिरिक्त प्रक्रिया या समय की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में सीमा और केंद्रीय शुल्क के लिए प्रस्तावित सुधारों का मुख्य उद्देश्य शुल्क संरचना को सरल बनाना, घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करना, निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और व्यापार में निश्चितता लाना है। इसके अलावा, मरीजों और आम नागरिकों को राहत देने के लिए लक्षित उपाय किए गए हैं, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो और जरूरी वस्तुओं व औषधियों तक आसानी से पहुँच सुनिश्चित हो।
बजट 2026-27 ने निजी आयात, गंभीर रोगियों की दवाइयों, यात्रियों की सुविधा, व्यापार में विश्वास आधारित प्रणाली और निर्यात प्रक्रिया में सुधार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में राहत और सुविधा देने के उपाय पेश किए हैं। इससे न केवल व्यापार और आयात-निर्यात प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि आम जनता और मरीजों के लिए जीवन अधिक सुगम बनेगा।