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अमित शाह ने बोला जोरदार हमला (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर बुधवार को तीखी बहस देखने को मिल रही है। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद द्वारा पेश इस प्रस्ताव को विपक्ष के 118 सांसदों का समर्थन मिला है। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने कई मौकों पर निष्पक्षता नहीं बरती और सत्तापक्ष के पक्ष में झुकाव दिखाया। चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि "मैं जब भी बोलने उठता हूं, मुझे बोलने नहीं दिया जाता," जिस पर सदन में कई बार व्यवधान भी हुआ। इस प्रस्ताव पर कुल 10 घंटे की चर्चा तय की गई है। गृह मंत्री अमित शाह सरकार का पक्ष रखते हुए सदन को संबोधित करेंगे। वहीं असदुद्दीन ओवैसी और के. सी. वेणुगोपाल ने बहस की प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा नेताओं ने आरोपों को निराधार बताया।
लोकसभा में स्पीकर ओम बिडला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने विपक्ष को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि संसद में राहुल गांधी की उपस्थिति केवल 52 प्रतिशत रही। इस आधार पर यह अविश्वास प्रस्ताव स्पीकर नहीं राहुल गांधी के खिलाफ लाया जाना चाहिये था।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सदन में टिक नहीं पाया। सदन ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। आखिरकार बहुमत की आवाज के साथ स्पीकर के खिलाफ उठी चुनौती वहीं खत्म हो गई।
अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि स्पीकर को हटाना रोजमर्रा की चीज नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल असाधारण और गंभीर परिस्थितियों में ही ऐसा प्रस्ताव लागू हो सकता है। स्पीकर पर सवाल उठाने से न केवल विधायी चेतना पर, बल्कि लोकतंत्र की गरिमा पर भी सवाल उठते हैं। शाह ने ओम बिरला की कार्यशैली और सदन नियमों के पालन की तारीफ करते हुए विरोधियों को चेतावनी दी।
अमित शाह ने लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि स्पीकर संविधान द्वारा संरक्षित हैं और उनके फैसलों में सर्वोच्च न्यायालय भी दखल नहीं दे सकता।
सदन का शिष्टाचार और अनुशासन बनाए रखना स्पीकर का कर्तव्य है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि अव्यवस्था और नियमों का उल्लंघन लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती है।
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि स्पीकर सभी सदस्यों के संरक्षक हैं और उनकी निष्ठा पर सवाल उठाना अफसोसजनक है। लोकतंत्र और संसदीय प्रक्रिया का सम्मान करना हर सदस्य का कर्तव्य है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि नियमों के विपरीत बोलना किसी को भी अधिकार नहीं देता।
असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में कहा कि सरकार सदन की प्रतिष्ठा गिरा रही है और स्पीकर हमारे प्रति जवाबदेह हैं। उन्होंने खुद को "बी टीम" बताने के आरोपों का जवाब मांगा और सदन में खुलकर विपक्ष की आवाज उठाई। ओवैसी ने लेजिस्लेचर की स्वतंत्रता पर चिंता जताई और इतिहासिक उदाहरणों के जरिए तौहीन की घटनाओं को याद दिलाया। उन्होंने डिप्टी स्पीकर के लिए बेनीवाल की मांग की और स्पीकर जगदंबिका पाल के साथ संवाद में तीखी बहस भी हुई।
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि सदन के कस्टोडियन का समर्थन करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि पिछली लोकसभा में कांग्रेस कम थी लेकिन प्रोडक्टिविटी अधिक थी, इस बार ज्यादा सदस्य होने से व्यवधान बढ़ गया। तेजस्वी सूर्या ने सदन में अनुशासन और अहंकार के बीच चल रही लड़ाई पर भी जोर दिया।
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि सदन के कस्टोडियन का समर्थन करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पिछली लोकसभा में कांग्रेस कम थी लेकिन प्रोडक्टिविटी ज्यादा थी, इस बार ज्यादा सदस्य होने से व्यवधान बढ़ा। तेजस्वी सूर्या ने सदन में अनुशासन और अहंकार के बीच चल रही लड़ाई को भी रेखांकित किया। सस्पेंशन और बोलने की प्रक्रिया पर आरोपों के बीच उन्होंने सदन के नियमों का पालन जरूरी बताया।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने लोकसभा में अनुराग ठाकुर को चुनौती दी कि पार्टी से हटकर निर्दलीय चुनाव लड़कर देखें। संसद में पप्पू यादव और गिरिराज सिंह के बीच बहस भी हुई, जिसमें चेयर जगदंबिका पाल ने मध्यस्थता की। पप्पू यादव ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों और सांसदों की गरिमा का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने व्यक्तिगत टिप्पणियों के खिलाफ भी चेतावनी दी और संसद में शिष्टाचार बनाए रखने पर जोर दिया।
बलिया से सपा सांसद सनातन पांडेय ने कहा कि नए सांसदों के माइक बंद करना लोकतंत्र में सवाल पूछने के अधिकार को बाधित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने का काम सत्तापक्ष के निर्देश पर किया जाता है। सनातन ने स्पीकर की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि चेयर कभी भी विपक्ष को टोकने की कार्रवाई नहीं करता। उन्होंने बताया कि इसी अपमान और असमर्थता के कारण विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाया है।
कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने संसद में विपक्ष के माइक बंद करने की घटनाओं को लोकतंत्र का 'वस्त्रहरण' बताया। उन्होंने महाभारत के उदाहरण से बताया कि सत्ता पक्ष को रोकना लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी है। चन्नी ने कहा कि चेयर का दायित्व केवल सदन चलाना नहीं, सांसदों के अधिकारों की रक्षा भी है। उनका कहना था कि माइक बंद करने से सवाल खत्म नहीं होते और सदन की मर्यादा किसी व्यक्ति से बड़ी है।
आरजेडी सांसद अभय कुमार सिन्हा ने संसद में अविश्वास प्रस्ताव को ओम बिरला के खिलाफ नहीं, बल्कि उन पर लगातार थोपे जाने वाले दबाव के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि आज का आसन निष्पक्षता खो चुका है, जो संविधान निर्माताओं ने सोची थी। सिन्हा ने विपक्ष को कुचलने और स्थगन व ध्यानाकर्षण प्रस्ताव जैसी प्रक्रियाओं को कमजोर करने की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को दुश्मन नहीं बल्कि पहरेदार बताया।
बिहार के काराकाट से लेफ्ट सांसद राजाराम सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में संसद में छोटे दलों की उपेक्षा पर सवाल उठाया। उन्होंने पीएम केअर्स फंड और ईरान के मुद्दे पर पारदर्शिता की कमी को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। सिंह ने कहा कि संसद केवल सत्ता पक्ष की नहीं है और विपक्ष भी जनता की आवाज उठाता है। साथ ही उन्होंने स्पीकर की भूमिका और हाउस की गरिमा बनाए रखने के तरीकों पर पुनर्विचार की जरूरत बताई।
झारखंड के राजमहल से जेएमएम सांसद विजय कुमार हंसदाक ने संसद में महिला सदस्यों पर लगे आरोपों को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने विपक्ष और ट्रेजरी बेंच दोनों पर संवादहीनता और नियमों के उल्लंघन का जिम्मा ठहराया। हंसदाक ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना स्पीकर का मुख्य कर्तव्य है और परंपरा को सुधारने की जरूरत है।
टीएमसी सांसद सयानी घोष ने लोकसभा में बोलते समय कहा, "हमारा तो एकला चलो है," और सदन में हंसी का माहौल बना दिया। कांग्रेस के कुछ सदस्य उनकी बात के दौरान खड़े थे, जिस पर चेयर ने बैठने का आग्रह किया। सयानी ने कहा कि उनका समय न काटा जाए और मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए उन्होंने ओम बिरला से किसी व्यक्तिगत द्वेष की बात से भी इनकार किया।
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी को लेकर सरकार के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सरकार ने सही निर्णय लिया, पहले आम कंज्यूमर को सिलेंडर मिलना चाहिए। सिब्बल ने यह भी कहा कि उद्योगों को इससे पीछे करना जरूरी था, लेकिन दूरदृष्टि थोड़ी कम दिखी। हिंदुस्तान इस मुश्किल दौर में है, इसलिए यह संतुलित फैसला समय की मांग है।
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान सपा सांसद आनंद भदौरिया ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका के सामने झुक रही है। भदौरिया ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का जिक्र करते हुए उन्हें सलाम किया। उन्होंने साथ ही नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे को लेकर भी सरकार से सवाल उठाए।
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान टीएमसी सांसद सयानी घोष ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में बेरोजगारी और अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दी जाती। घोष ने कहा कि पहली बार सांसद बनने के बावजूद उन्हें इस प्रस्ताव का समर्थन करना पड़ रहा है।
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के प्रस्ताव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव स्पीकर के खिलाफ अविश्वास नहीं, बल्कि किसी के अहंकार की संतुष्टि के लिए लाया गया है। प्रसाद ने बिना नाम लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
लोकसभा में चल रही बहस के दौरान कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने सदन में इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण बहस के समय प्रधानमंत्री का सदन में उपस्थित रहना जरूरी है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी प्रतिक्रिया भी देखने को मिली।
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे। इस पर भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए नियम स्पष्ट किए। उन्होंने बताया कि संविधान के आर्टिकल 93 से 96 में स्पीकर और डिप्टी स्पीकर से जुड़ी व्यवस्था तय है। प्रसाद ने कहा कि प्रस्ताव के दौरान स्पीकर अध्यक्षता नहीं करते और प्रक्रिया के अनुसार अन्य सदस्य सदन की कार्यवाही चलाते हैं।
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाता। समय सीमा पार होने पर पीठासीन सदस्य दिलीप सैकिया ने उन्हें जल्द अपनी बात खत्म करने को कहा। इसके बाद भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने हस्तक्षेप करते हुए अपनी बात रखी।... पढ़ें पूरी खबर
Location : New Delhi
Published : 11 March 2026, 1:03 PM IST