हिंदी
MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। मजबूत डॉलर और US Fed के सख्त संकेतों के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
सोने की कीमत (Img: Google)
New Delhi: घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर आज सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सोना करीब 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे फिसल गई।
कारोबार की शुरुआत में सोना 1,51,941 रुपये पर खुला, लेकिन जल्द ही गिरकर 1,51,712 रुपये पर आ गया। वहीं चांदी 2,45,000 रुपये पर खुली और गिरावट के साथ 2,43,786 रुपये तक पहुंच गई।
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का सीधा असर भारतीय बाजार पर देखने को मिला। खासकर अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स का 100 के पार जाना कीमती धातुओं पर दबाव डाल रहा है। मजबूत डॉलर के कारण सोना और चांदी निवेश के लिहाज से कम आकर्षक हो जाते हैं, जिससे इनके दाम गिरते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना करीब $4985 के आसपास ट्रेड कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद कीमतों में मजबूती नहीं दिख रही। इसका मुख्य कारण Federal Reserve की सख्त मौद्रिक नीति है। दरअसल, निवेशकों को उम्मीद थी कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक जल्द ही ब्याज दरों में कटौती करेगा, लेकिन अब यह संभावना कमजोर पड़ती नजर आ रही है। इससे सोने की मांग पर असर पड़ा है।
हाल ही में हुई बैठक के बाद जेरोम पॉवेल ने साफ संकेत दिए कि जब तक महंगाई में ठोस गिरावट नहीं आती, तब तक ब्याज दरों में कटौती नहीं की जाएगी। इसके साथ ही मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्पों को लेकर असमंजस में हैं और बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है।
युद्ध के माहौल में भी गिर गए सोने-चांदी के दाम, MCX पर बड़ी गिरावट; जानिए क्या है वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में MCX पर सोना और चांदी सीमित दायरे में या दबाव के साथ कारोबार कर सकते हैं। वैश्विक घटनाएं, डॉलर की मजबूती और Fed की नीतियां इनकी दिशा तय करेंगी। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें और बाजार की चाल को समझकर ही निवेश करें। रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान देना इस समय बेहद जरूरी है।
फिलहाल सोने और चांदी की कीमतें पूरी तरह वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर हैं। डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार साबित होगी।