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LPG कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर लोकसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते 11 मार्च को सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। प्रश्नकाल भी बाधित रहा। इससे पहले 10 मार्च को भी पश्चिम एशिया मुद्दे पर हंगामे के कारण सदन स्थगित हुआ था।
LPG सिलेंडर को लेकर Lok Sabha की कार्यवाही स्थगित (Img Source: google)
New Delhi: एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर संसद में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। बुधवार, 11 मार्च 2026 को Lok Sabha की कार्यवाही विपक्ष के भारी हंगामे के कारण दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के सांसदों ने एलपीजी की बढ़ती कीमतों और अन्य मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई।
हंगामे के कारण लोकसभा का महत्वपूर्ण प्रश्नकाल भी बाधित हो गया। विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर विरोध जताने लगे और सरकार से एलपीजी की बढ़ी कीमतों पर जवाब मांगने लगे। लगातार हो रहे शोर-शराबे के बीच पीठासीन अधिकारी Dilip Saikia ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन जब हंगामा शांत नहीं हुआ तो उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
विपक्ष का आरोप है कि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस की कीमतों में इजाफा आम परिवारों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इस पर चर्चा की मांग की।
विपक्ष के सांसदों ने संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया और LPG संकट को लेकर चिंता जताई।#Parliament #BudgetSession #LPGCrisis #Protest pic.twitter.com/2scxnbbnc5
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 12, 2026
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले यानी 10 मार्च को भी लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई थी। उस दिन पश्चिम एशिया संकट को लेकर विपक्ष ने सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। लगातार हंगामे के कारण उस दिन भी सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा था। संसद के मौजूदा सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच टकराव की स्थिति देखने को मिल रही है।
एलपीजी कीमतों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर संसद में बढ़ते विरोध के कारण राजनीतिक माहौल काफी गरमाया हुआ है। विपक्ष सरकार से इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से भी अपने फैसलों का बचाव किया जा रहा है।