हिंदी
यूपी के एटा में शुक्रवार को ओयो होटलों से जुड़ी चौंकाने वाली खबर सामने आयी है। नियम-कानून को ताक पर रखकर इन होटलों में धड़ल्ले से अश्लील गतिविधियां चल रही हैं। स्थानीय लोगों द्वारा इस बाबत शिकायत करने के बावजूद भी होटल धड़ल्ले से चल रहे हैं लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे है।
एटा में अवैध ओयो होटल अश्लील गतिविधियों में लिप्त
Etah: यूपी के एटा में ओयो होटलों की कथित तौर पर आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त होने की खबर सामने आ रही हैं। नियम कानून को ताक पर रखकर ये होटल खुलेआम चल रहे हैं। स्थानीय लोग अवैध गतिविधियों से परेशान है लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे है।
जानकारी के अनुसार कासगंज रोड, आगरा रोड, गंज रोड समेत कई इलाकों में संचालित हो रहे इन होटलों में धड़ल्ले से अश्लील गतिविधियां चल रही हैं। कुछ ओयो/कोयो होटल अवैध रूप से चल रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक नाबालिग किशोरियों को भी बिना आईडी कार्ड के एंट्री दी जा रही है। सिर्फ चंद पैसों के लालच में नियम को ताक पर रखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार लिपटन चौकी क्षेत्र स्थित ओयो होटलों में खुलेआम पैसों की दम पर यह धंधा फलफूल रहा है।
New Year 2026: नए साल से पहले एटा वासियों को एसपी का कड़ा संदेश, जानिए क्या कहा?
कोतवाली देहात क्षेत्र में सबसे ज्यादा संख्या में ओयो होटल हैं जिनकी संख्या लगातार बढ़ती बढ़ती जा रही है। दुकानों में नियमों को दरकिनार कर ओयो/कोयो नाम से होटल खोले गए। लिप्टन चौकी से चंद कदम की दूरी पर ओयो होटलों की भरमार है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ माह पूर्व जीटी रोड स्थित एक होटल पर एसडीएम के आदेश पर बड़ी कार्रवाई हुई थी। कई होटलों के डिवीआर भी जब्त हुये थे। लेकिन बावजूद इसके धंधा फल-फूल रहा है।
सूत्रों के अनुसार बिना नियम शर्तों के घर से लेकर दुकानों में ओयो/कोयो नाम से होटल संचालित हो रहे हैं। चंद पैसे कमाने के चक्कर में बिना आईडी नाबालिग बच्चों को कमरे में प्रवेश दिया जा रहा है। जिससे होटल में अवैध गतिविधियां पनप रही हैं। जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं।
एटा में आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी गिरफ्तार, मिरहची पुलिस को बड़ी सफलता
लोगों ने कहा कि जिले में बिना रजिस्ट्रेशन के दर्जनों OYO होटल संचालित हो रहे हैं, जहां लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं है। ये होटल माहौल खराब कर रहे हैं और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। मामले ने कानून-व्यवस्था पर निगरानी तंत्र की पोल खोल दी है।