नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का बड़ा खुलासा, मजदूरों की हिंसा के पीछे पाकिस्तान कनेक्शन

श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के पीछे विदेशी साजिश का खुलासा, पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया हैंडल्स पर केस दर्ज, 600 से ज्यादा गिरफ्तारियां।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 16 April 2026, 7:18 PM IST
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Noida: नोएडा शहर में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा और आगजनी के पीछे अब एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे बवाल को भड़काने में पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया हैंडल्स की भूमिका रही है। हालात इतने बिगड़ गए थे कि कई औद्योगिक इलाकों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन अब पुलिस की सख्ती के बाद धीरे-धीरे स्थिति काबू में आती दिख रही है।

पाकिस्तान से जुड़े एक्स हैंडलर पर केस दर्ज

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने जानकारी दी कि इस मामले में पाकिस्तान से संचालित दो एक्स (ट्विटर) हैंडलरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब तक कुल 13 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए माहौल को जानबूझकर भड़काया गया।

वॉट्सऐप और टेलीग्राम से फैली हिंसा की चिंगारी

जांच में यह भी सामने आया कि वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अचानक हिंसक हो गया। इसकी चिंगारी तेलंगाना और कर्नाटक से वॉट्सऐप ग्रुपों के जरिए फैली। कई संगठन दूर-दराज के राज्यों से इन ग्रुपों को ऑपरेट कर रहे थे। इसके अलावा टेलीग्राम ग्रुप भी बनाए गए। जिनका इस्तेमाल श्रमिकों को उकसाने के लिए किया गया।

STF खंगाल रही 500 से ज्यादा वीडियो

पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ अब तक 500 से अधिक वीडियो की जांच कर रही है। इन वीडियो के जरिए हिंसा फैलाने वालों और साजिशकर्ताओं की पहचान की जा रही है। डिजिटल ट्रेल के आधार पर तेलंगाना और कर्नाटक से जुड़े कुछ संदिग्धों की भी पहचान हुई है।

600 से ज्यादा गिरफ्तारियां, कई थाना क्षेत्रों में कार्रवाई

सोमवार को हुई हिंसा के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए बुधवार रात तक करीब 600 लोगों को गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारियां कोतवाली फेज वन, फेज टू, सेक्टर-58, सेक्टर-63 और फेज थ्री जैसे औद्योगिक इलाकों से की गईं। पुलिस लगातार छापेमारी कर बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है।

प्रशासन मैदान में, शांति बहाली की कोशिश

हालात को संभालने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। जिलाधिकारी Medha Rupam समेत अन्य अधिकारियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में डेरा डाल दिया। श्रमिकों के गांवों में शांति मार्च निकाला गया और लोगों से संवाद कर हालात सामान्य करने की कोशिश की गई। प्रशासन ने श्रमिकों को वेतन वृद्धि से जुड़ी जानकारी भी दी और शांति बनाए रखने की अपील की।

रूपेश राय समेत कई गिरफ्तार, संगठन पर आरोप

पुलिस ने मजदूर बिगुल दस्ता संगठन के प्रमुख रुपेश राय समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यही संगठन इस पूरे उपद्रव के पीछे मुख्य भूमिका में था। जांच में सामने आया कि संगठन के सदस्य फैक्ट्री एरिया में घूम-घूमकर श्रमिकों को भड़का रहे थे। इससे पहले मानेसर में भी इसी संगठन पर हिंसा भड़काने के आरोप लगे थे।

धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा उद्योग

पुलिस और प्रशासन की सख्ती के बाद अब हालात सामान्य होने लगे हैं। करीब 70 फीसदी उद्योगों में काम दोबारा शुरू हो चुका है। हालांकि, पुलिस अभी भी सतर्क है और किसी भी नई साजिश को रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रही है।

Location :  Noida

Published :  16 April 2026, 7:18 PM IST

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