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प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
Noida: नोएडा में सस्ते फ्लैट आकर्षक ऑफर और आसान EMI के नाम पर लोगों को लुभाया जा रहा है, लेकिन कई खरीदार इस चमक-दमक के पीछे छिपे बड़े खतरे को नहीं समझ पा रहे। अगर आप भी नोएडा या आसपास के इलाकों में घर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कुछ ऐसे इलाके सामने आए हैं जहां जमीन विवादों में घिरी हुई है और वहां संपत्ति खरीदना लोगों के लिए भारी पड़ सकता है।
उपनिबंधन विभाग ने ऐसे कई खसरा नंबरों और प्रॉपर्टी की सूची जारी की है जिन पर फिलहाल रजिस्ट्री कराने पर रोक लगी हुई है। इसके बावजूद कई बिल्डर और प्रॉपर्टी डीलर लोगों को ऑफर और कम कीमत का लालच देकर निवेश कराने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों ने साफ कहा है कि बिना जांच-पड़ताल के प्रॉपर्टी खरीदना आपकी जिंदगी की सबसे बड़ी आर्थिक गलती साबित हो सकती है।
सेक्टर-33ए स्थित उप निबंधन कार्यालय ने नोटिस बोर्ड पर उन इलाकों की सूची चस्पा की है जहां जमीन से जुड़े मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम सलारपुर खादर, सोहरखा, सर्फाबाद और असगरपुर के हैं।
सलारपुर खादर में कई खसरा नंबर जिला न्यायालय और हाईकोर्ट में चल रहे मामलों के कारण विवादित माने जा रहे हैं। इनमें 601, 602, 610, 611, 612, 613, 614, 615, 617, 618, 619, 620 और 621 जैसे खसरा नंबर शामिल हैं। इसके अलावा निठारी गांव के खसरा नंबर 30 पर भी कानूनी विवाद जारी है।
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इसी तरह सोहरखा जाहिदाबाद, ककराला ख्वासपुर, गेझा तिलपताबाद, छिजारसी और असगरपुर जागीर की कई जमीनों पर भी रजिस्ट्री रोक दी गई है। अधिकारियों के अनुसार इन स्थानों पर निवेश करने से पहले जमीन के दस्तावेज और कानूनी स्थिति की जांच बेहद जरूरी है।
नोएडा की कुछ हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुछ फ्लैट और प्रोजेक्ट्स की रजिस्ट्री पर रोक लगाई हुई है। सेक्टर-50 स्थित मेघदूतम परियोजना के कुछ फ्लैट, सेक्टर-143 की गुलशन इकेबाना सोसाइटी के फ्लैट और व्हाइट हाउस नामक टावर प्रोजेक्ट भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में खरीदारों को भारी कानूनी और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
सिर्फ प्लॉट ही नहीं बल्कि कई फ्लैट्स भी विवादों में घिरे हुए हैं। सेक्टर-104 स्थित एटीएस वन हैमलेट, सेक्टर-5 के मेघदूतम, पेट्रोनस टावर और महागुन मैस्ट्रो अपार्टमेंट जैसी जगहों के कुछ फ्लैट्स को लेकर भी जांच और रोक की जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने साफ कहा है कि लोग सिर्फ कम कीमत देखकर निवेश न करें। किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदने से पहले उसके दस्तावेज, कोर्ट केस और रजिस्ट्री की स्थिति की जांच करना बेहद जरूरी है।
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गौतमबुद्ध नगर के एआईजी स्टांप प्रथम अरुण कुमार शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी जमीन या फ्लैट में निवेश करने से पहले उसकी कानूनी स्थिति की पूरी जानकारी लें। जिन जमीनों पर कोर्ट का स्टे या जांच एजेंसियों की रोक है, वहां निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
Location : Noida
Published : 13 May 2026, 8:35 AM IST