NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, जानिए कब और क्यों शुरू हुई थी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा

पेपर लीक की खबरों के बाद NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई है, इस बीच जानिए भारत में पहली बार NEET परीक्षा कब आयोजित हुई थी, इसे लागू करने की जरूरत क्यों पड़ी और कैसे इस एक एग्जाम ने मेडिकल एडमिशन की पूरी प्रक्रिया बदल दी।

Updated : 13 May 2026, 11:16 AM IST
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New Delhi: NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। यह परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक की खबरों के बाद इसे निरस्त करने का फैसला लिया गया, अब राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) जल्द ही परीक्षा की नई तारीख जारी करेगी। इस बीच एक बार फिर NEET परीक्षा की शुरुआत और इसके महत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

2013 में पहली बार हुई थी NEET परीक्षा

भारत में NEET यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पहली बार 5 मई 2013 को आयोजित की गई थी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) की मंजूरी के बाद इसे लागू किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया को एक समान बनाना था।

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पहले अलग-अलग होती थीं मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं

NEET लागू होने से पहले मेडिकल एडमिशन के लिए कई अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित की जाती थीं, ‘एआईपीएमटी’ के अलावा राज्य सरकारें और निजी मेडिकल कॉलेज अपनी-अपनी प्रवेश परीक्षाएं कराते थे। इससे छात्रों पर कई परीक्षाओं का दबाव बढ़ जाता था। अलग-अलग नियम, आवेदन प्रक्रिया और फीस के कारण छात्रों और अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।

इसके अलावा निजी कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटा और भारी फीस को लेकर भी सवाल उठते थे, ऐसे में एक समान और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की जरूरत महसूस की गई. सुप्रीम कोर्ट की सहमति और केंद्र सरकार की पहल के बाद NEET को पूरे देश में लागू किया गया।

पहले CBSE कराता था परीक्षा, अब NTA के पास जिम्मेदारी

जब 2013 में NEET की शुरुआत हुई थी, तब इसका आयोजन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) करता था, बाद में साल 2019 से इसकी जिम्मेदारी राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को सौंप दी गई। वर्तमान में NTA ही देशभर में इस परीक्षा का संचालन करती है।

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इन कोर्स में मिलता है दाखिला

NEET के जरिए MBBS और BDS के अलावा AYUSH और वेटनरी (BVSc) जैसे कोर्स में भी प्रवेश मिलता है। AIIMS और JIPMER जैसे बड़े संस्थानों में दाखिला भी अब NEET स्कोर के आधार पर ही दिया जाता है, विदेश में MBBS की पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए भी NEET पास करना अनिवार्य है।

परीक्षा पैटर्न और पात्रता

NEET परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी और जूलॉजी से प्रश्न पूछे जाते हैं। कुल 200 सवालों में से छात्रों को 180 प्रश्न हल करने होते हैं, हर सही उत्तर पर 4 अंक मिलते हैं, जबकि गलत जवाब पर 1 अंक काटा जाता है। परीक्षा की अवधि 3 घंटे 20 मिनट होती है। यह परीक्षा हिंदी, अंग्रेजी समेत 12 से अधिक भाषाओं में आयोजित की जाती है, परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष तय की गई है, जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की छूट दी जाती है।

Location :  New Delhi

Published :  13 May 2026, 8:20 AM IST

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