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उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार शाम को एक बड़ा फैसला लेते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटा दिया है। घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल के गठन के बाद नोएडा मेट्रो निगम के सीईओ और एमडी को उनके पदों से हटा दिया गया।
Noida: सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार शाम को इस मामले में एक बड़ा एक्शन लिया। यूपी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटा दिया है।
नोएडा में कार सवार इंजीनियर की मौत के मामले ने सरकार को भी हिला दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए कड़ा कदम उठाया है। सीएम ने सोमवार को नोएडा अथॉरिटी के सीईओ डॉ. लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया और उन्हें वेटिंग लिस्ट में डाल दिया है। लोकेश एम बीते साल जुलाई 2023 से नोएडा अथॉरिटी की कमान संभाल रहे थे।
सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मामले की जांच तेजी से कराई जाएगी। इसके लिए सीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। SIT का नेतृत्व मेरठ मंडलायुक्त करेंगे। टीम में एडीजी ज़ोन मेरठ और PWD के चीफ इंजीनियर भी शामिल रहेंगे। यह टीम पांच दिनों में जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपेगी।
बता दें कि सेक्टर-150 में लोटस ग्रीन बिल्डर के अधूरे मॉल के खुले बेसमेंट में पानी भरा हुआ था। इसी बीच कार सवार इंजीनियर की अंदर फंसकर मौत हो गई थी। घटना के बाद प्रशासन और बिल्डर की लापरवाही को लेकर सवाल उठे। जिसके बाद अब सरकार ने सीधे स्तर पर हस्तक्षेप किया है।
हादसे के बाद प्रशासन में भी हड़ंकप मच गया है और सीएम योगी ने हादसे पर दुख जताते हुए मामले का संज्ञान लिया है, एसआईटी गठित करके पांच दिन में रिपोर्ट मांगी हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में हुए सड़क हादसे का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, इस घटना की जांच के लिए मेरठ जोन के एडीजी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। संभागीय आयुक्त मेरठ और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता भी एसआईटी का हिस्सा हैं। घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल के गठन के बाद नोएडा मेट्रो निगम के सीईओ और एमडी को उनके पदों से हटा दिया गया।