आग बुझाने से AI के भविष्य तक… NCC कैंप में कैडेट्स ने सीखी ऐसी बातें जो बदल सकती हैं उनका कल

एनसीसी शिविर में इस बार सिर्फ परेड और अनुशासन की ट्रेनिंग नहीं हुई। कैडेट्स को आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए, वहीं दूसरी ओर उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया से भी परिचित कराया गया।

Gorakhpur: 44वीं यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भोलाराम मस्कारा इंटर कॉलेज, सहजनवा में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में कैडेट्स को ऐसा प्रशिक्षण दिया गया, जिसने उन्हें सिर्फ अनुशासन और नेतृत्व ही नहीं बल्कि आधुनिक तकनीक और आपदा प्रबंधन की भी महत्वपूर्ण सीख दी। शिविर के दौरान अग्नि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें कैडेट्स ने उत्साह के साथ भाग लिया।

आग लगने पर क्या करें?

कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी के नेतृत्व में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में गीडा फायर स्टेशन की टीम ने हिस्सा लिया। अग्निशमन अधिकारी सरोज कुमार सिंह, फायरमैन शैलेंद्र कुमार यादव और उनकी टीम ने कैडेट्स को आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आग लगने पर घबराने के बजाय सबसे पहले फायर सर्विस के हेल्पलाइन नंबर 101 पर सूचना देना जरूरी है। इसके साथ ही आग के विभिन्न प्रकारों की पहचान, उनके कारण और उन्हें नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के बारे में भी जानकारी दी गई।

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लाइव डेमो ने बढ़ाई कैडेट्स की रुचि

सत्र का सबसे आकर्षक हिस्सा फायर फाइटिंग का लाइव डेमो रहा। अग्निशमन टीम ने मौके पर ही दिखाया कि आग पर किस तरह काबू पाया जाता है और अग्निशमन यंत्रों का सही उपयोग कैसे किया जाता है। कैडेट्स ने न केवल इस प्रक्रिया को करीब से देखा, बल्कि उपकरणों की कार्यप्रणाली को भी समझा। इस व्यावहारिक प्रशिक्षण से उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने और लोगों की मदद करने की उपयोगी जानकारी मिली।

एआई की दुनिया से भी कराया परिचय

शिविर का दूसरा सत्र आधुनिक तकनीक और डिजिटल भविष्य पर केंद्रित रहा। एनआईआईटी फाउंडेशन के विशेषज्ञ अवनीश श्रीवास्तव, नीरज सिंह और पंकज पाठक ने कैडेट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि आज के समय की जरूरत बन चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, सुरक्षा और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में इसका तेजी से उपयोग बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में एआई मानव जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाला है।

नई तकनीक सीखने के लिए किया प्रेरित

विशेषज्ञों ने कैडेट्स को डिजिटल स्किल्स विकसित करने और नई तकनीकों को सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में केवल पारंपरिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी समझ भी उतनी ही आवश्यक है।कैडेट्स को बताया गया कि अगर वे समय के साथ नई तकनीकों को अपनाते हैं तो उनके लिए रोजगार, नवाचार और नेतृत्व के नए अवसर खुल सकते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने एआई से जुड़े कई सवाल भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल भाषा में जवाब दिया।

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जिम्मेदार और सक्षम नागरिक बनाने की पहल

कार्यक्रम के समापन पर कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल रमन तिवारी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि एनसीसी का उद्देश्य केवल सैन्य प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि युवाओं को जिम्मेदार, जागरूक और तकनीकी रूप से सक्षम नागरिक बनाना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिविर में प्राप्त ज्ञान और अनुभव कैडेट्स के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।  शिविर में शामिल कैडेट्स ने भी इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताया। उनका कहना था कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें नई चीजें सीखने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने का अवसर प्रदान करते हैं।

Location :  Gorakhpur

Published :  23 June 2026, 5:17 PM IST

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