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बागपत में पीडीए संवाद कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया। उन्होंने भाजपा पर समाज को बांटने और ब्राह्मणों को द्वितीय दर्जे का नागरिक बनाने का आरोप लगाया। सिद्दीकी ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि बारी-बारी से सभी समुदायों का नंबर आएगा।
सपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी (Img: Internet)
Baghpat: उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैल गई। जब पीडीए संवाद कार्यक्रम के मंच से सपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने ऐसा बयान दे दिया, जिसने सरकार और सत्ताधारी पार्टी की नींद उड़ा दी। सिद्दीकी ने मंच से सीधे कहा, “बारी-बारी से सभी को ठोका जा रहा है… कभी मुसलमान, कभी शेड्यूल कास्ट, कभी पिछड़े…।” उनके इस बयान ने सियासी माहौल को गरमा दिया और सोशल मीडिया पर भी जोरदार चर्चा छेड़ दी।
पीडीए संवाद कार्यक्रम में सिद्दीकी ने कहा कि सरकार समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांट रही है। उन्होंने विस्तार से बताया, “जब मुसलमान को ठोका जाता है तो शेड्यूल कास्ट वाला देखता है, जब शेड्यूल कास्ट को ठोका जाता है तो बैकवर्ड कास्ट का नंबर आता है। इस तरह समाज में डर और असंतोष फैलाया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि मंदिर-मस्जिद और हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दों से लोगों का ध्यान असली समस्याओं से भटकाया जा रहा है।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बीजेपी पर ब्राह्मण समाज को द्वितीय दर्जे का नागरिक बनाने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, “आज बीजेपी में ब्राह्मणों को पहली नागरिकता नहीं दी जा रही, उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।” उनका यह बयान साफ तौर पर सवर्ण वोट बैंक को साधने की कोशिश माना जा रहा है।
सिद्दीकी ने चर्चित अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “अगर विकास दुबे अपराधी था तो उसे सजा मिली, लेकिन उसकी बेटी और पत्नी का क्या कसूर था?”
अपने भाषण के अंत में सिद्दीकी ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, “आज जो दूसरों के साथ हो रहा है, कल वही सबके साथ होगा। बारी-बारी से सबका नंबर आएगा।” बता दें कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी सपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं और उनका यह बयान आगामी चुनावी रणनीति की दिशा में भी इशारा माना जा रहा है।