Muzaffarnagar : खाद माफियाओं पर खाकी का हंटर, प्लाईवुड फैक्ट्रियों को अवैध सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

ऑपरेशन किसान प्रहरी के तहत जानसठ पुलिस और एसओजी ने किसानों के हक का सरकारी यूरिया ब्लैक करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर 60 लाख रुपये कीमत के 454 कट्टे यूरिया, वाहन और फर्जी बिल बरामद किए हैं। यह गिरोह सब्सिडी वाला यूरिया कम दामों में खरीदकर हरियाणा की प्लाईवुड फैक्ट्रियों में ग्लू बनाने के लिए महंगे दामों पर बेचता था।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 2 June 2026, 6:46 PM IST
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Muzaffarnagar : किसानों के हक पर डाका डालने वाले एक अंतर्राज्यीय यूरिया तस्कर गिरोह का मुजफ्फरनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ‘ऑपरेशन किसान प्रहरी’ के तहत थाना जानसठ पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 454 कट्टे सरकारी अनुदानित यूरिया बरामद किया है। जब्त यूरिया, वाहन और फर्जी बिलों की कुल कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है।

सरकारी यूरिया फैक्ट्रियों में महंगे दामों पर बेचने का खेल

पुलिस के मुताबिक यह गिरोह किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाले यूरिया को भोपा क्षेत्र के तीन खाद विक्रेताओं से कम दामों पर खरीदता था और फिर फर्जी बिल बनाकर पिकअप और कैंटर के जरिए इस यूरिया को यमुनानगर, हरियाणा पहुंचाता था। वहां से इसे प्लाईवुड फैक्ट्रियों में महंगे दामों पर बेचा जाता था। पूछताछ में सामने आया कि इंडस्ट्रियल ग्रेड यूरिया से ग्लू बनाने की लागत 80-100 रुपये प्रति किलो आती है, जबकि सब्सिडी वाला यूरिया इस्तेमाल करने पर लागत मात्र 5-6 रुपये किलो पड़ती है। इसी भारी मुनाफे के लालच में यह गिरोह सक्रिय था।

कवाल पुल के पास चेकिंग के दौरान पुलिस की घेराबंदी

आपको बता दें कि दिनांक 01 जून की रात कवाल पुल के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक हुंडई ऑरा कार, एक कैंटर और दो पिकअप गाड़ियों को रोका था। ऑरा कार में सवार आरोपी आगे-आगे चलकर पुलिस की रेकी कर रहे थे। वाहनों की तलाशी लेने पर HURL, KRIBHCO और RCF मार्का के 454 यूरिया के कट्टे बरामद हुए हैं।

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6 महीने में लाखों यूरिया की कालाबाजारी

अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि पिछले 6 महीने में इस गिरोह ने करीब 15.12 लाख किलोग्राम अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी की है। गिरफ्तार आरोपियों में सहारनपुर, यमुनानगर और मुजफ्फरनगर के 8 लोग शामिल हैं। इनमें भोपा के तीन खाद विक्रेता - सौरभ उर्फ हिमांशु, रोहन उर्फ प्रियांशु और सूर्य प्रताप उर्फ तुषार भी गिरफ्तार किए गए हैं, जो अपने पास आने वाली सरकारी सप्लाई को इन तस्करों को दे देते थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार वर्मा ने इस सराहनीय कार्य के लिए जहां पूरी टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है, वहीं पुलिस ने आरोपियों पर बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत थाना जानसठ में मुकदमा दर्ज कर अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश भी शुरू कर दी है।

टी-पॉप इनपुट से क्रैक हुआ केस

इस बड़ी कार्रवाई की अधिक जानकारी देते हुए एसएसपी मुजफ्फरनगर संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि मुजफ्फरनगर पुलिस को एक खुफिया इनपुट (टी-पॉप) मिला था, जिसके बाद पिछले 10-15 दिनों से इस नेटवर्क पर काम चल रहा था। सरकारी सप्लाई के यूरिया की अवैध ब्लैक मार्केटिंग की इस सूचना पर एसपी देहात (SP RA) और उनकी टीम, जानसठ पुलिस तथा एसओजी सर्विलांस ने संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें कृषि अधिकारी द्वारा भी पूरा सहयोग किया गया।

इस इनपुट के आधार पर जब 1 तारीख को चेकिंग की जा रही थी, तब मौके से एक कैंटर, दो पिकअप और एक ऑरा गाड़ी के साथ आरोपी गिरफ्तार हुए। इनके पास से बरामद 454 कट्टे यूरिया निश्चित तौर पर किसानों का हक मार रहे थे। जो यूरिया खेती के लिए किसानों को मिलना चाहिए था, उसे प्लाईवुड फैक्ट्रियों में ग्लू बनाने के लिए भेजा जा रहा था। फैक्ट्रियों में प्राइवेट यूरिया ₹465 या उससे महंगे दाम पर मिलता है, जबकि सरकारी सप्लाई वाला यूरिया मात्र ₹265 में मिलता है। मुजफ्फरनगर के तीन सप्लायरों - रोहन, सूर्य प्रताप और सौरभ से सेटिंग करके ये लोग बाहर फैक्ट्रियों में माल सप्लाई कर भारी आर्थिक लाभ कमा रहे थे।

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कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

एसएसपी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल आठ लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें तनवीर, इजरायल, रियासत, मोहित, मनीष, सौरभ, रोहन और सूर्य प्रताप शामिल हैं। इनमें से तीन आरोपी भोपा के रहने वाले हैं, दो हरियाणा के और दो सहारनपुर के निवासी हैं। इस नेटवर्क के दो बड़े लोग (फैक्ट्री मालिक) अभी वांछित हैं, जिन्हें जल्द ही पकड़ा जाएगा।

पुलिस की इस संयुक्त टीम ने बहुत ही शिद्दत से काम किया है। 'ऑपरेशन किसान प्रहरी' के तहत किसानों के हितों की रक्षा के लिए ट्यूबवेल चोरी, ट्रांसफार्मर चोरी, तेल चोरी या अन्य किसी भी प्रकार के अपराधों पर सख्ती से काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में इस संगठित गिरोह को पकड़ा गया है, जिन पर कठोरतम कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जा रहा है। साथ ही पूरी पुलिस टीम के लिए 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  2 June 2026, 6:46 PM IST

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