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मुजफ्फरनगर में 24 मार्च की रात पुलिस प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए मस्जिदों से 30 से अधिक लाउडस्पीकर हटाए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को हाईकोर्ट और शासन के निर्देशों के अनुपालन में बताया गया।
मुजफ्फरनगर में ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती
Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन ने 24 मार्च की रात सख्त अभियान चलाया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा के निर्देशन में की गई, जिसमें जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों जैसे खालापार, सिविल लाइन, शहर कोतवाली और नई मंडी में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों की जांच की गई।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह अभियान उच्च न्यायालय और शासन द्वारा जारी ध्वनि प्रदूषण संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में चलाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए निर्धारित मानकों और समय सीमा का पालन अनिवार्य है।
रात में चलाए गए इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने मस्जिदों सहित कई धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई करते हुए 30 से अधिक लाउडस्पीकर हटाए और बंद कराए। कार्रवाई से पहले पुलिस ने संबंधित प्रबंधकों से बातचीत कर उन्हें नियमों की जानकारी दी और स्वेच्छा से लाउडस्पीकर हटाने की अपील की।
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कई स्थानों पर लोगों ने प्रशासन का सहयोग करते हुए स्वयं ही लाउडस्पीकर हटा दिए, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण रही। हालांकि कुछ जगहों पर नियमों के उल्लंघन पर पुलिस को सख्ती भी करनी पड़ी। प्रशासन ने साफ किया कि नियमों का पालन न करने वालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जो भी व्यक्ति या संस्था तय मानकों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह आम नागरिकों के स्वास्थ्य और शांति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।