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मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक संगठित हनी ट्रैप गैंग का खुलासा करते हुए महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह प्रधानी चुनाव में खड़े उम्मीदवारों को जाल में फंसाकर झूठे मुकदमे की धमकी देकर मोटी रकम वसूलता था। पुलिस के अनुसार गैंग अब तक 10 से 15 लाख रुपये तक ऐंठ चुका है।
मुजफ्फरनगर में हनी ट्रैप गैंग का भंडाफोड़
Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पुलिस ने एक ऐसे हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश किया है जो खासतौर पर प्रधानी चुनाव में खड़े होने वाले उम्मीदवारों को अपना शिकार बनाता था। यह गैंग पहले उम्मीदवारों को अपने जाल में फंसाता और फिर उन्हें चुनाव से हटने या मोटी रकम देने के लिए दबाव बनाता था।
पुलिस के अनुसार गैंग का तरीका बेहद सुनियोजित था। महिला की मदद से उम्मीदवारों को फंसाने के बाद उनके खिलाफ छेड़छाड़ या दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों में झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जाती थी। इसके बाद समझौते के नाम पर पीड़ित से लाखों रुपये वसूले जाते थे।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब शनिवार को एक व्यक्ति ने नई मंडी कोतवाली में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि आफताब, रियासत, परवेज, साजिद और वरजिना नाम की महिला मिलकर हनी ट्रैप का संगठित गिरोह चला रहे हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।
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जांच के बाद पुलिस ने इस गैंग के चार सदस्यों आफताब, रियासत, साजिद और वरजिना को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। वहीं गैंग का एक सदस्य परवेज अभी फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार यह गैंग लंबे समय से सक्रिय था और कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। मुजफ्फरनगर के अलावा हरिद्वार जिले में भी इस गैंग के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि गैंग के सदस्य प्रधानी चुनाव में खड़े होने वाले उम्मीदवारों या पैसे वाले लोगों को निशाना बनाते थे। महिला पहले उन्हें अपने जाल में फंसाती थी और बाद में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाता था। इसके बाद अदालत में बयान बदलकर या समझौते के नाम पर मोटी रकम ली जाती थी। पुलिस के अनुसार अब तक की जांच में यह सामने आया है कि गैंग ने करीब 10 से 15 लाख रुपये तक की वसूली की है।
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एसएसपी के मुताबिक एक होटल का नाम भी जांच में सामने आया है, जहां बैठकर समझौते की बातचीत की जाती थी। इस होटल की भूमिका की भी जांच की जा रही है और यदि किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति इस गैंग से जुड़ा पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस पूरे मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 15 हजार रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की गई है।