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“किसी भी कीमत पर नहीं लगेगा स्मार्ट मीटर!” मुजफ्फरनगर में किसानों की इस बड़ी चेतावनी के पीछे का क्या है असली कारण? सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और गैस की किल्लत पर आखिर क्यों भिड़ गए किसान और अधिकारी? पूरी खबर यहाँ देखें।
मुज़फ्फरनगर में किसानों की मांग
Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर में जिला पंचायत सभागार में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम उस समय हंगामेदार हो गया, जब किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम एडीएम प्रशासन की मौजूदगी में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में किसान अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।
किसानों ने क्षेत्र में फैक्ट्रियों से फैल रहे वायु प्रदूषण को लेकर कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि प्रदूषण विभाग के अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई कर रहे हैं और वास्तविक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे फसलों और स्वास्थ्य दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।
मुज़फ्फरनगर में किसानों ने किसान दिवस पर गैस किल्लत, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर उठाई आवाज #kisandiwas #muzaffarnagar #kisanprotest pic.twitter.com/PpaVQ66sWq
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 18, 2026
किसानों ने शेरपुर गांव की सड़क का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि यह सड़क कुछ महीने पहले ही बनाई गई थी, लेकिन मात्र पांच महीने के भीतर ही खराब हो गई। इस पर किसानों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की। साथ ही जनपद की अन्य टूटी सड़कों की मरम्मत कराने की मांग भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से की गई।
किसानों ने सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा समय पर उचित व्यवस्था नहीं की जा रही, जिससे खेती पर असर पड़ रहा है। किसानों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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कार्यक्रम में रसोई गैस से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुखता से उठाईं गईं। किसानों ने कहा कि उन्हें समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो रही है और कीमतों को लेकर भी परेशानी है। कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना बुकिंग किए ही उनके नाम पर गैस सिलेंडर बुक हो जा रहे हैं, जो एक गंभीर समस्या है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
किसानों ने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे। उनका कहना था कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और वे पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहे हैं।
इस दौरान भाकियू जिला अध्यक्ष नवीन राठी, नीरज पहलवान, सुमित चौधरी, डब्बू चौधरी, मोनू प्रधान, राजवीर, रमेश, राजकुमार सहित कई किसान नेता मौजूद रहे। साथ ही जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया समेत अन्य विभागों के अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
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किसानों ने एक सुर में अपनी समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की और चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।