Muzaffarnagar: कोर्ट का बड़ा फैसला, हत्या के मामले में 3 बेटों सहित मां को सुनाई फांसी की सजा

मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रेक कोर्ट ने 2019 के हत्या मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। उधार के पैसे मांगने पर युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में मां और उसके तीन बेटों को मृत्युदंड दिया गया। अदालत ने चारों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए सात साल बाद मिला न्याय माना जा रहा है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 28 April 2026, 7:55 PM IST
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Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद की फास्ट ट्रेक कोर्ट ने हत्या के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सात साल पुराने मामले में मां और उसके तीन बेटों को मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला मंगलवार को सुनाया गया, जिसके बाद मामला फिर चर्चा में आ गया।

घटना 17 जून 2019 की है। भौराकला थाना क्षेत्र के एक गांव में शेखर नाम के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जानकारी के अनुसार, शेखर ने परिवार के एक सदस्य को उधार पैसे दिए थे। जब वह अपने पैसे वापस मांगने पहुंचा तो विवाद हो गया।

बताया गया कि कहासुनी के बाद मामला हिंसक हो गया। आरोपियों ने शेखर को पकड़ लिया और लाठी, डंडे तथा ईंट से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण शेखर की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी थी।

पुलिस ने दर्ज किया था हत्या का मुकदमा

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने भौराकला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में प्रदीप, संदीप, सोनू, उनकी मां मुकेश और पिता राजकुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने धारा 148, 149, 336 और 302 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

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जांच के दौरान पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अदालत में मामले की सुनवाई लगातार चलती रही। अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े सबूत और गवाह पेश किए। मृतक के भाई राहुल कुमार ने अदालत में पूरी घटना की जानकारी दी। उनकी गवाही को मामले में अहम माना गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने हत्या से जुड़े तथ्यों को मजबूत तरीके से रखा।

मां और तीन बेटों को मृत्युदंड

फास्ट ट्रेक कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाते हुए प्रदीप, संदीप, सोनू और उनकी मां मुकेश को दोषी माना। अदालत ने चारों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। मामले में आरोपी पिता राजकुमार की पहले ही जेल में मौत हो चुकी है। इसलिए अदालत ने चार आरोपियों पर फैसला सुनाया।

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एडीजीसी कुलदीप कुमार ने बताया कि शेखर पैसे मांगने गया था, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष ने मजबूत पैरवी की और गवाहों ने घटना को स्पष्ट रूप से साबित किया। सात साल बाद आए इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय माना जा रहा है। अदालत के निर्णय ने यह संदेश दिया है कि गंभीर अपराधों में कानून अपना काम करता है और दोषियों को सजा मिलती है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  28 April 2026, 7:55 PM IST

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