फर्रुखाबाद में मंडी कांड! न कारोबार, न लाइसेंस फिर मजदूर पर कैसे चढ़ा 69 लाख का बकाया?

फर्रुखाबाद की सातनपुर मंडी में फर्जी लाइसेंस पर करोड़ों के कारोबार का मामला सामने आया है। मजदूरी करने वाले महेंद्र सिंह के नाम पर 69 लाख रुपये से ज्यादा मंडी शुल्क बकाया नोटिस पहुंचा तो हड़कंप मच गया। पीड़ित न्याय की गुहार लगाने कलक्ट्रेट पहुंचा।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 1 July 2026, 1:29 PM IST
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Farrukhabad : जिले की सातनपुर मंडी से एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसने सिस्टम की लापरवाही और संभावित फर्जीवाड़े पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस व्यक्ति के नाम पर मंडी में आढ़त का लाइसेंस जारी हुआ। वह खुद हिमाचल प्रदेश में मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पाल रहा था। लेकिन उसके नाम पर मंडी में करोड़ों रुपये का कारोबार होता रहा। मामला तब खुला, जब उसके घर 69 लाख रुपये से ज्यादा मंडी शुल्क बकाया होने का नोटिस पहुंचा। नोटिस मिलते ही परिवार के होश उड़ गए और पीड़ित न्याय की गुहार लगाते-लगाते आत्मदाह की नौबत तक पहुंच गया।

मजदूर के नाम पर चल रही थी फर्म

कन्नौज जिले के गुरसहायगंज थाना क्षेत्र के गांव बनियान ऊंचा निवासी महेंद्र सिंह के नाम पर फर्रुखाबाद की सातनपुर मंडी में अंजली ट्रेडर्स नाम से आढ़त का लाइसेंस जारी बताया जा रहा है। इसी लाइसेंस के आधार पर मंडी में बड़े स्तर पर कारोबार होता रहा, जबकि महेंद्र सिंह का दावा है कि वह हिमाचल प्रदेश में परिवार के साथ रहकर मजदूरी करते हैं और उन्हें इस कारोबार की कोई जानकारी नहीं थी।

69 लाख का नोटिस पहुंचा तो मचा हड़कंप

सातनपुर मंडी सचिव की ओर से एक मई को महेंद्र सिंह के नाम 69 लाख 11 हजार 910 रुपये मंडी शुल्क बकाया होने का नोटिस भेजा गया। नोटिस में कहा गया कि धनराशि जमा न करने पर आरसी जारी कर 1.5 प्रतिशत प्रति माह ब्याज की दर से वसूली की जाएगी। परिजनों ने फोन पर महेंद्र सिंह को यह जानकारी दी। जिसके बाद वह हिमाचल प्रदेश से अपने गांव लौटे।

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कागज मांगने पर नहीं मिला जवाब

मंगलवार को महेंद्र सिंह गांव के प्रधान अनिल कुमार के साथ सातनपुर मंडी पहुंचे और सचिव से लाइसेंस से जुड़े कागजात दिखाने की मांग की। आरोप है कि पूरे दिन भटकने के बाद भी उन्हें कोई दस्तावेज नहीं मिला। इससे परेशान होकर महेंद्र सिंह कलक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाने की कोशिश की।

पेट्रोल लेकर पहुंचा पीड़ित

महेंद्र सिंह ने बताया कि अगर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे। वह पेट्रोल लेकर आत्मदाह करने की नीयत से कलक्ट्रेट पहुंचे थे लेकिन सुरक्षा कर्मियों और एलआईयू टीम ने समय रहते उन्हें रोक लिया। इसके बाद उन्हें सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार के पास ले जाया गया।

जांच के बाद कार्रवाई की बात

सिटी मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है। वहीं मंडी सचिव अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पोर्टल पर 2022-23 से पहले अंजली ट्रेडर्स के नाम पर 69.11 लाख रुपये बकाया दिख रहा था। उन्होंने तीसरा नोटिस जारी किया है। यदि लाइसेंस फर्जी पाया जाता है तो संबंधित कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।

Location :  Farrukhabad

Published :  1 July 2026, 1:29 PM IST

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