राम मंदिर मामले में बड़ा खुलासा, छापेमारी के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला के कमरे से SIT के हाथ लगा चौंकाने वाला सबूत, मचा हड़कंप

अयोध्या में चल रही पुलिस की बड़ी जांच के बीच एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। एसआईटी की छापेमारी में एक ऐसी रहस्यमयी चीज बरामद हुई है, जिसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। इधर जेल के भीतर बंद आरोपियों के बीच भारी तनाव और टकराव की खबर है।

Updated : 1 July 2026, 2:37 PM IST
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Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस और विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच के दौरान एसआईटी ने आरोपी अविनाश शुक्ला के किराये के कमरे पर छापेमारी की, जहां से एक संदिग्ध संदूक बरामद हुआ है।

कमरे से मिला 'रामराज्य कोष' लिखा संदूक और QR कोड

एसआईटी की छापेमारी के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला के कमरे से जो संदूक मिला है, उस पर 'रामराज्य कोष' लिखा हुआ है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस संदूक पर पेटीएम (Paytm) का एक QR कोड भी लगा हुआ है। इस बरामदगी का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि इस संदूक और क्यूआर कोड का इस्तेमाल किस मकसद से किया जा रहा था।

करीब डेढ़ साल से अयोध्या में सक्रिय था आरोपी

अविनाश शुक्ला के बारे में जानकारी देते हुए श्याम साधनालय की योगाचार्य सीमा तिवारी ने बताया कि अविनाश पिछले करीब डेढ़ वर्ष से अयोध्या में रह रहा था। वह राम मंदिर से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भी कार्यरत था। सीमा तिवारी के अनुसार, अविनाश का परिचय योग गुरु डॉ चैतन्य और उनके भाई अभिषेक के माध्यम से हुआ था।

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प्रत्यक्षदर्शी ने बताया 5 जून की छापेमारी का हाल

मामले में 5 जून के एक प्रत्यक्षदर्शी सेवादार सुंदरलाल ने बताया कि उस दिन पुलिस कुछ लोगों के साथ अविनाश को उसके किराये के मकान पर लेकर आई थी। सुंदरलाल के अनुसार, पुलिस ने घर से एक बैग निकाला, जिसमें कुछ नकदी (कैश) रखी हुई थी। इसके बाद वहां मौजूद लोगों को बाहर कर दिया गया और पुलिस अविनाश को अपने साथ लेकर चली गई।

हालांकि, इन बयानों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अब तक बरामद हुई कुल नकदी या उसके सटीक स्रोत को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। चर्चा है कि मामले में अब तक लगभग 80 लाख रुपये तक की बरामदगी का दावा किया जा रहा है।

जेल में बंद आरोपियों के बीच हुई नोकझोंक

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के सभी आठ आरोपी इस समय जिला कारागार (जेल) में बंद हैं। सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि मंगलवार को जेल के भीतर आरोपियों के बीच किसी बात को लेकर आपस में तीखी नोकझोंक और विवाद हुआ। हालांकि, जेल प्रशासन ने इस विवाद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, परिजनों से दूरी

आरोपियों के बीच हुए विवाद की खबरों को देखते हुए जेल प्रशासन सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है और उनकी बैरकों के बाहर भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। जेल प्रशासन का पूरा प्रयास है कि ये आरोपी जेल के अंदर एक-दूसरे से मिल न सकें।

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जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि जेल में बंद होने के बाद से अब तक आरोपियों के परिजनों ने उनसे सिर्फ एक बार मुलाकात की है। जबकि जेल प्रशासन के नियमों के अनुसार, किसी भी विचाराधीन बंदी से उसके परिजन सप्ताह में तीन बार मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा, आरोपियों ने जेल से किसी से फोन पर भी बात करने की इच्छा नहीं जताई है, जबकि नियमानुसार पुलिस सत्यापन के बाद दो मोबाइल नंबरों पर बातचीत करने का प्रावधान है। फिलहाल, आरोपियों से जेल में पूछताछ और उनके अन्य ठिकानों पर छापेमारी का दौर जारी है।

Location :  Ayodhya

Published :  1 July 2026, 2:37 PM IST

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