राम मंदिर चढ़ावा चोरी का सबसे बड़ा राज! फोन फॉर्मेट, सुबूत गायब और करोड़ों का खेल आखिर कैसे खुला?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी और पुलिस जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने मोबाइल डेटा डिलीट कर सबूत मिटाने की कोशिश की, जबकि सीसीटीवी फुटेज में चोरी कैद हुई। कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, संपत्तियों की जांच जारी है और ट्रस्ट के दो पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 28 June 2026, 9:27 AM IST
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Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस और एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए मोबाइल फोन से अहम डेटा डिलीट कर दिया और कई मोबाइल फोन पूरी तरह फॉर्मेट कर दिए। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपियों ने चोरी की रकम को ठिकाने लगाने की भी कोशिश की।

आठ आरोपी गिरफ्तार, इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले

पुलिस ने टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश, अवनीश शुक्ला और गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में आरोपी समूह बनाकर चढ़ावे की रकम निकालते दिखाई दिए हैं। फुटेज में रकम छिपाने और बाहर ले जाने के दृश्य भी कैद हैं।

बैंक कर्मचारियों और 30 से ज्यादा लोगों पर नजर

जांच के दायरे में अब बैंक अधिकारी और कर्मचारी भी आ गए हैं, जिनकी भूमिका चढ़ावे की गणना में थी। इसके अलावा आरोपियों से जुड़े करीब 30 लोगों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस उनकी भूमिका की पुष्टि के लिए पूछताछ कर रही है।

एसआईटी जांच में संपत्तियों पर बड़ा खुलासा

एसआईटी की जांच में सामने आया कि कुछ आरोपियों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों की संपत्ति 50 से 100 गुना तक बढ़ गई। कई लोगों ने कम वेतन होने के बावजूद जमीन, प्लॉट, हॉस्टल और अन्य संपत्तियां खरीदीं। अनुकल्प मिश्रा द्वारा लाखों रुपये खर्च कर धार्मिक आयोजन कराने का मामला भी जांच के घेरे में है।

आपसी विवाद से खुला करोड़ों का खेल

जांच में यह भी सामने आया कि चोरी की रकम के बंटवारे को लेकर आरोपियों में विवाद हुआ, जिसके बाद शिकायत हुई और पूरा मामला उजागर हो गया। पुलिस फिलहाल केवल 45 दिन की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका कि चोरी कब से चल रही थी।

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ट्रस्ट में हलचल, इस्तीफे और सख्त कार्रवाई का दावा

मामले के तूल पकड़ने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया। ट्रस्ट ने दावा किया है कि भगवान राम को चढ़ाए गए आभूषण और दान पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मामले में नई जनहित याचिका पर 29 जून को सुनवाई संभावित है।

Location :  Ayodhya

Published :  28 June 2026, 8:59 AM IST

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