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प्रतिकात्मक छवि (Image Source: Pinterest)
Moradabad: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) को पास करने के लिए छात्र दिन-रात एक कर देते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां दो होनहार छात्रों की सालभर की कड़ी तपस्या को तकनीक के एक छोटे से धोखे ने पल भर में मटियामेट कर दिया। यहां डिजिटल इंडिया के इस दौर में गूगल मैप की एक कथित तकनीकी खामी या गलत नेविगेशन के कारण दो परीक्षार्थी अपने एग्जाम सेंटर तक समय पर नहीं पहुंच सके और नियत समय से कुछ मिनट की देरी होने की वजह से उन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ा।
पीड़ित छात्रों में से एक संभल के रहने वाले फैजान अली हैं। फैजान ने बताया कि उनका परीक्षा केंद्र मुरादाबाद का आर एन इंटर कॉलेज था। उन्होंने सुबह समय रहते परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए गूगल मैप पर कॉलेज की लोकेशन डाली थी। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि मैप ने उन्हें कॉलेज की सही जगह दिखाने के बजाय शहर की किसी दूसरी और गलत लोकेशन पर पहुंचा दिया। फैजान जब तक इस तकनीकी गड़बड़ी को समझ पाते और वास्तविक परीक्षा केंद्र की ओर दौड़ते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
फैजान के पिता इकराम ने अत्यंत भावुक होते हुए बताया कि उनका बेटा पिछले कई सालों से डॉक्टर बनने का सपना संजोए कड़ी मेहनत कर रहा था। पूरे परिवार को उम्मीद थी कि इस बार फैजान परीक्षा में बाजी मार लेगा, लेकिन इस तकनीकी चूक ने उनके बेटे का पूरा एक साल बर्बाद कर दिया। ठीक इसी तरह की घटना सार्थक नाम के एक अन्य परीक्षार्थी के साथ भी हुई। सार्थक भी गूगल मैप की गलत लोकेशन के जाल में फंसकर भटकते रहे। जब दोनों छात्र हांफते हुए सही परीक्षा केंद्र के गेट पर पहुंचे, तो सख्त नियमों का हवाला देते हुए सुरक्षाकर्मियों और केंद्र व्यवस्थापकों ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।
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गेट के बाहर छात्रों और उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। जब इस बात की भनक वहां तैनात प्रशासनिक अधिकारियों को लगी, तो उन्होंने मौके पर आकर पीड़ित छात्रों और उनके अभिभावकों से पूरे मामले की जानकारी ली। प्रभावित छात्रों और उनके माता-पिता का कहना है कि किसी तकनीकी खराबी या डिजिटल एरर का खामियाजा खून-पसीना एक करने वाले विद्यार्थियों को क्यों भुगतना पड़े? उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि ऐसे गंभीर मामलों में मानवीय आधार पर कोई उचित समाधान निकाला जाना चाहिए।
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साइबर विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, मुरादाबाद और उसके आसपास के कई पुराने और सरकारी कॉलेजों के नाम से मिलते-जुलते कई प्राइवेट स्कूल या कोचिंग संस्थान खुल गए हैं। गूगल मैप पर कई बार 'समान नाम' (Identical Names) होने के कारण या किसी यूज़र द्वारा गलत 'पिन लोकेशन' ड्रॉप कर दिए जाने की वजह से एल्गोरिदम मुख्य मार्ग के बजाय संकरी गलियों या किसी बंद पड़े पते पर नेविगेट कर देता है। प्रशासन को चाहिए कि परीक्षाओं से कम से कम दो दिन पहले सभी परीक्षा केंद्रों की जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) को क्रॉस-चेक करवाए और छात्रों को भी यह सलाह दी जाती है कि वे पूरी तरह डिजिटल मैप पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय लोगों से रास्ता पूछकर एक दिन पहले केंद्र की तस्दीक जरूर कर लें।
Location : Moradabad
Published : 22 June 2026, 8:19 AM IST
Topics : Google Maps Error moradabad news NEET Exam