जैसे ही पहुंचे अभिजीत दीपके, बढ़ गया प्रदर्शन का पारा… जंतर-मंतर पर गूंजे नारे

NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि री-एग्जाम के बाद भी छात्रों की समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं। प्रदर्शन में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे भी लगाए गए।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 20 June 2026, 3:00 PM IST
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New Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस वक्त गरमा गया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके वहां पहुंचे। उनके पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी परीक्षा में अगर इस तरह की गड़बड़ियां सामने आती हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

जंतर-मंतर पर उठी जिम्मेदारी तय करने की मांग

अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि सरकार को सिर्फ ऊपर-ऊपर की कार्रवाई करने के बजाय समस्या की जड़ तक जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि री-एग्जाम कराने के बाद भी छात्रों की परेशानियां खत्म नहीं हुई हैं। युवाओं पर लगातार बढ़ते दबाव का असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब कोई छात्र सालों तक मेहनत करके एक परीक्षा की तैयारी करता है और फिर परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं, तो उसका भरोसा टूटता है। ऐसे मामलों में केवल बयान देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।

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पेपर लीक विवाद ने बढ़ाई छात्रों की चिंता

NEET पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली है। कई जगहों पर छात्रों ने प्रदर्शन कर परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। छात्रों का कहना है कि मेडिकल शिक्षा में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षा में पारदर्शिता बेहद जरूरी है क्योंकि इसका सीधा असर उनके करियर पर पड़ता है। अभिभावकों की चिंता भी इसी बात को लेकर है कि अगर परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा तो इसका असर पूरे शिक्षा तंत्र पर पड़ेगा। कई परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के सपने के साथ वर्षों तक तैयारी करवाते हैं, ऐसे में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके लिए बड़ा झटका बन जाती है।

आत्महत्या के मामलों को लेकर भी उठे सवाल

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प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने छात्रों के मानसिक दबाव और आत्महत्या के मामलों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े तनाव और अनिश्चितता ने कई युवाओं को गंभीर मानसिक संकट में पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को सिर्फ परीक्षा कराने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिसमें छात्रों पर अनावश्यक दबाव कम हो। उन्होंने कहा कि अगर युवा लगातार तनाव में रहेंगे तो यह देश के भविष्य के लिए चिंता की बात है।

Location :  New Delhi

Published :  20 June 2026, 3:00 PM IST

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