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अभियुक्त गिरफ्तार (Image Source: Dynamite News)
Chatra: झारखंड के चतरा जिले से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली वारदात का खुलासा हुआ है। जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के टूटीलावा इलाके से बीते 18 जून को अगवा किए गए छह ग्रामीणों को चतरा पुलिस ने न केवल सकुशल बरामद कर लिया है, बल्कि इस हाई-प्रोफाइल अपहरण कांड का सफलतापूर्वक पर्दाफाश भी कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस घटना में शामिल पांच शातिर अपराधियों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों में दो वयस्क अपराधी और तीन नाबालिग (विधि विरुद्ध किशोर) शामिल हैं। शनिवार को चतरा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहब ने इस पूरी खौफनाक साजिश का खुलासा किया।
एसडीपीओ ने बताया कि 18 जून को हथियारों से लैस कुछ नकाबपोश अपराधियों ने सिमरिया के टूटीलावा इलाके में धावा बोलकर छह ग्रामीणों का जबरन अपहरण कर लिया था। ग्रामीणों को घने जंगलों में बंधक बनाने के बाद, अपराधियों ने खुद को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एमसीसी (मूर्ख चंडाल कमेटी/माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर) का सक्रिय सदस्य घोषित किया। इसके बाद उन्होंने बंधकों के डरे-सहमे परिजनों को फोन कर एक लाख रुपये की मोटी रंगदारी की मांग की और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और एसपी के निर्देश पर तुरंत एक विशेष तकनीकी और छापामारी टीम का गठन किया गया।
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विशेष टीम ने आधुनिक तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल सर्विलांस और स्थानीय मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर जंगलों की घेराबंदी कर दी। पुलिस के बढ़ते दबाव को देखकर अपराधी बिखर गए, जिसका फायदा उठाकर टीम ने दबिश दी और पांच आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार बालिग अपराधियों की पहचान रमेश गंझू और सतीश कुमार गंझू के रूप में हुई है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। पूछताछ में पता चला कि अपराधियों ने सिर्फ दहशत फैलाने और जल्दी पैसा कमाने के लिए उग्रवादी संगठन के नाम का सहारा लिया था। फिलहाल पुलिस एक अन्य फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
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पुलिस सूत्रों से मिली अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार रमेश गंझू के पास से प्रतिबंधित संगठन के नाम की कई फर्जी रसीद बुक और लेवी (अवैध वसूली) के पर्चे भी बरामद हुए हैं। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गैंग स्थानीय ठेकेदारों, बालू कारोबारियों और क्रशर मालिकों को भी इसी फर्जी लेटरपैड के जरिए डराकर लाखों रुपये की वसूली करने का ब्लूप्रिंट तैयार कर चुका था। पुलिस अब इनके बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट के पीछे कोई बड़ा उग्रवादी मददगार तो नहीं छिपा है।
Location : Chatra
Published : 20 June 2026, 2:07 PM IST
Topics : Chatra News crime news Jharkhand News