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कन्नौज में आयोजित एक बड़े सरकारी कार्यक्रम के दौरान मंत्री असीम अरुण और जिला प्रशासन के बीच भारी तालमेल की कमी देखने को मिली। अफसरों की कार्यशैली से नाराज होकर मंत्री ने जो कदम उठाया, उससे प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। पूरी घटना की विस्तृत जानकारी यहाँ पढ़ें।
पूर्व IPS और मंत्री असीम अरुण ने अधिकारियों को सिखाया अनुशासन (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Kannauj: उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री और पूर्व IPS अधिकारी असीम अरुण अपनी सख्त अनुशासनप्रियता और समयबद्धता के लिए जाने जाते हैं। शुक्रवार को कन्नौज में इसका एक बड़ा उदाहरण तब देखने को मिला, जब अधिकारियों की देरी से नाराज होकर मंत्री महोदय कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए। उन्होंने न केवल कार्यक्रम का परित्याग किया, बल्कि डीएम को पत्र लिखकर भविष्य के लिए कड़ा अल्टीमेटम भी दे दिया है।
कन्नौज के रोमा स्मारक पर 'रोमा समुदाय' को लेकर एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। निर्धारित समय पर मंत्री असीम अरुण अपनी पूरी बीजेपी टीम के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुँच गए थे। प्रोटोकॉल के अनुसार, जिले के आला अधिकारियों को वहाँ मौजूद होना चाहिए था, लेकिन काफी देर तक न तो जिलाधिकारी पहुँचे और न ही SDM। मंत्री असीम अरुण ने लगभग 45 मिनट तक अफसरों की प्रतीक्षा की, लेकिन उनकी गैर-मौजूदगी से नाराज होकर वे कार्यक्रम स्थल से अपनी टीम के साथ वापस चले गए।
मंत्री के इस कदम से जिले के प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। एक कैबिनेट मंत्री का कार्यक्रम होने के बावजूद डीएम और एसडीएम का समय पर न पहुँचना प्रशासन की लापरवाही और अनुशासनहीनता को बता रहा है। असीम अरुण, जो खुद एक पूर्व पुलिस अधिकारी रहे हैं, समय की पाबंदी को लेकर बेहद सख्त माने जाते हैं और अफसरों की इस लेटलतीफी ने उन्हें नाराज कर दिया।

कार्यक्रम स्थल से लौटने के बाद मंत्री असीम अरुण ने तत्काल जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने अपनी नाराजगी स्पष्ट रूप से दर्ज कराई है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए 'अल्टीमेटम' दिया है कि भविष्य में सार्वजनिक कार्यक्रमों और जनसेवा से जुड़े कार्यों में समय का विशेष ध्यान रखा जाए।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे ज्यादा असर रोमा समुदाय के उस कार्यक्रम पर पड़ा, जिसके लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे। मंत्री के चले जाने से कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत नहीं हो सकी, जिससे आयोजकों और समुदाय के लोगों में मायूसी देखी गई।